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शिमला । बीते शुक्रवार को टोक्यो से दिल्ली के लिए एयर इंडिया 307 की फ्लाइट में एक 57 वर्षीय पैसेंजर को हार्ट अटैक आने पर शिमला से संबंधित सीनियर कार्डियक सर्जन डा. दीपक पुरी ने समय पर कार्डियक मसाज (सीपीआर) देकर उसकी जान बचाई गई। डा. पुरी टोक्यो में दो दिवसीय कार्डियोमर्सन वर्ल्ड हार्ट कांग्रेसश् का आयोजन कर लौट रहे थे। यह देखते हुए कि पैसेंजर को हार्ट अटैक पड़ा है, डा. पुरी तुरंत उसकी मदद के लिए आगे आए। फ्लाइट क्रू की मदद से डा. पुरी ने कार्डियक मसाज (सीपीआर) के बाद मरीज को रिवाइव किया गया।
मैक्स हॉस्पिटल, मोहाली में कार्डियोवास्कुलर थोरैसिक सर्जरी के डायरेक्टर डा. पुरी ने कहा कि हार्ट अटैक पडऩे के कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ और मरीज कुछ समय के लिए बिना पल्स और ब्रेन रिस्पंस के मेडिकल रूप से मृत था। फ्लाइट समुद्र के ऊपर थी और निकटतम हवाई अड्डा कोलकाता में 5 घंटे की दूरी पर था। चूंकि निकटतम गंतव्य 5 घंटे की दूरी पर था, मिनिमम रिससिटेशन रिसोर्सेज के साथ फ्लाइट में इतने लंबे समय तक रोगी को स्थिर रखना एक कठिन काम था । डा$ पुरी ने कहा कि एयरलाइन ने कोलकाता में लैंडिंग के लिए विशेष अनुमति की व्वस्था की और मरीज को निकटतम अस्पताल ले जाने के लिए एक एम्बुलेंस की व्यवस्था की जहां उसकी 100 फीयदी ब्लॉक लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग आर्टरी की तुरंत स्टेंटिंग की गई ।
डा. पुरी ने कहा कि समय पर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन के कारण मरीज अब सुरक्षित है और उसका ब्रेन और किडनी पूरी तरह से काम कर रहे हैं। समय पर सीपीआर देने के महत्व के बारे में बात करते हुए डा$ पुरी ने कहा कि लोगों को हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच के अंतर को जानना चाहिए क्योंकि हर हार्ट अटैक कार्डियक अरेस्ट का कारण नहीं हो सकता है, लेकिन अगर कार्डियक अरेस्ट होता है तो मरीज की मृत्यु हो जाएगी यदि कार्डियक रिससिटेशन तुरंत शुरू नहीं किया जाता है और तब तक जारी रखा नहीं जाता है जब तक कि आर्टरी को आेपन नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कार्डियक मसाज तुरंत शुरू नहीं किया जाता है तो 3 से 5 मिनट में परमानेंट ब्रेन डेथ हो जाती है। इस स्थिति में समय बहुत महत्वपूर्ण है। इसके बारे में सभी को जागरूक किया जाना चाहिए ताकि कई अन्य लोगों की जान बचाई जा सके।


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