प्रदेश विधानसभा में किया गया बाल सत्र का आयोजन
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल विधानसभा में सोमवार को बाल सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका संभांल रहे बच्चों में तीखी बहस हुई। विपक्ष के बाल विधायकों ने वेल में जाकर सत्ता पक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सदन में बच्चों ने प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया। सदन में 68 बच्चों ने हिमाचल के 68 विधायकों की तरह काम किया। डिजिटल बाल मेले में 25 हजार लोगों ने सहभागिता दर्ज की। डिजिटल बाल सत्र को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के तत्वावधान में आयोजित किया गया। विधानसभा के कुल 68 विधायकों में से 40 लड़कियां विधायक की भूमिका में थी।

प्रदेश विधानसभा में सोमवार सुबह 11 बजे बाल सत्र शुरू हुआ। हिमाचल की विधानसभा पहली बार 68 चयनित बाल विधायकों की साक्षी बनी। बाल सत्र के शुरूआत प्रश्नकाल से हुई। इस दौरान सत्ता व विपक्ष के बाल विधायकों ने प्रदेश संबंधित विभिन्न मुद्दों को उठाया। प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर बाल विधायकों ने हंगामा भी किया। नशे को लेकर सत्ता पक्ष के ओर से दिए गए प्रश्न के उत्तर से नाराज विपक्ष के बाल विधायकों ने जमकार नारेबाजी ही। विपक्ष के बाल विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। बाद में विपक्ष के बल विधायक अपनी अपनी सीट में बैठ गए। इसके बाद बाल मुख्यमंत्री जाह्नवी ने नशे पर अपनी बात रखी। तब जाकर मामला शांत हुआ। इससे पहले बाल विधायक अक्षरा, आस्था, तनवी, सहिल कपूर, चारू, साक्षी चौहान, नोवेदित जस्टा, हरिओम , प्रशांत सिंह ओर शालिनी ठाकुर ने सरकार कई सवाल पूछे। सबसे अधिक सवाल शिक्षा, नशा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूदे गए। सता पक्ष की ओर से बाल कैबिनेट मंत्री अक्षरा ठाकुर, परमजीत सिंह, निकुंज रांगटा, रिजा शेख और फैजल ने बाल विधायकों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इसके बाद बाल विधायकों ने सदन में नियम 324 के तहत विभिन्न मुद्दों को उठाया और सरकार को कई अहम सुझाव भी दिए।


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