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शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवर को गुजरात के सरदार पटेल सभागार, अमूल, आन्नद में प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी शिमला से इस सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर किसानों का आहवान किया कि वे अपनी कृषि पैदावार को बढ़ाने तथा अपनी आय को दोगुना करने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाएं। उन्होंने कहा कि देश की हरितक्रान्ति में उर्वरकों की महत्वपूर्ण भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन कीटनाशकों और आयातीत उर्वरकों से स्वास्थ्य को हो रहे नुकसान व बढ़ती लागत के लिए यह जरूरी है कि किसान कोई वैकल्पिक तकनीक अपनाए।
इसके बाद शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत से मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में अपने पहले ही बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू की और इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के अन्तर्गत तपछले साढ़े तीन सालों में करीब 46.18 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अीते करीब चार वर्षों में प्रदेश में लगभग 1.54 लाख किसान परिवारों ने 9200 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती को अपनाया है। इस वर्ष इस योजना के तहत 1.50 लाख किसानों को जोडक़र 12000 हेक्टेयर भूमि को प्रातिक खेती के तहत लाने का लक्ष्य रखा गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती की आधार भारतीय नस्ल की गाय की खरीद पर 50 फीसदी अनुदान, अधिकतम 25000 तक और पांच हजार रुपय यातायात शुल्क के तौर पर दे रही है।


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