Sunday, January 11, 2026

सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना से स्थानीय लोगों को लोगों मिलेगा : विक्रमादित्य सिंह

हिमाचल आजकल
शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा निर्मित की जा रही 382 मेगावट क्षमता की सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना से विद्युत उत्पादन सहित स्थानीय स्तर पर लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि शिमला व मंडी जिला के मध्य यह परियोजना स्थापित की जा रही है और शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा भाग भी इसके अंतर्गत आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रभावितों को रोजगार में प्राथमिकता प्रदान की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर निगमित सामाजिक दायित्व के अंतर्गत विभिन्न कार्य सुनिश्चित करें। लोक निर्माण व युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना तथा एनटीपीसी कोलडैम प्रबन्धन के साथ एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना निर्माण में प्रभावितों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि सुन्नी-लुहरी सडक़ पर सुन्नी से चेवड़ी तक सडक़ के विस्तारीकरण के लिए परियोजना प्रबन्धन आवश्यक कदम उठाए। इससे परियोजना कार्य में बड़ी मशीनों को लाने-ले जाने में सुविधा होगी, वहीं स्थानीय जनता को भी आवागमन के लिए बेहतर सडक़ सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगभग 80 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर परियोजना प्रबन्धन को भेजा गया है।
बैठक में हाल ही में भारी बरसात के कारण कोलडैम जलाशय में जल स्तर बढऩे से सुन्नी तथा आसपास के क्षेत्रों में हुए नुकसान एवं इससे बचाव संबंधी कार्यों पर भी चर्चा की गई। लोक निर्माण मंत्री ने परियोजना प्रबन्धन को शाकरा तथा अन्य पचंायतों को जोडऩे वाले चाबा पैदल पुल तथा थली पुल के पुनर्निर्माण एवं रख-रखाव में आवश्यक सहयोग करने को कहा। इसके अतिरिक्त जल स्तर बढऩे से भू-धंसाव के कारण सकरोड़ी पंचायत में कुछ घरों में दरारें आई हैं। उन्होंने इसके लिए आवश्यक सुरक्षा प्रबन्ध सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने एनटीपीसी कोलडैम को सुन्नी सहित अन्य क्षेत्रों में जलाशय के जल स्तर में होने वाली वृद्घि के ²ष्टिगत तटीयकरण एवं सुरक्षा दीवार इत्यादि के लिए व्यापक अध्ययन करने को भी कहा ताकि इन क्षेत्रों में भूमि कटाव सहित सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्ति को बार-बार होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। बैठक में सतलुज नदी मेें सिल्ट के कारण साथ लगती पंचायतों को नुकसान से बचाने, मुख्य जिला सडक़ों एवं राज्य सडक़ों के रख-रखाव एवं मरम्मत सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

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