हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल में आपदा की इस घड़ी में सभी क्षेत्रों के लोगों ने आपदा पीडि़त परिवारों की सहायता के लिए योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके परिवार ने इस उद्देश्य के लिए अपनी प्रतिबद्घता का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी निजी जमापूंजी से 51 लाख रुपए की राशि आपदा राहत कोष-2023 में दान दी है। उनकी 88 वर्षीय माता संसार देवी ने भी 50 हजार रुपए का अंशदान कर अपनी उदारता का परिचय दिया है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक चर्चा के दौरान कहा कि स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही जरूरतमंदों की मदद और दान उनके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग रहा है। जब इस आपदा के दौरान छोटे बच्चों को अपने गुल्लक तोड़ कर प्रभावितों के लिए अंशदान देते हुए देखा तो उनमें भी अपनी क्षमता के अनुरूप इसमें सहयोग करने का भाव जगा, क्योंकि दूसरों की मदद से हमें आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से किसी की मदद करना मनुष्य का जन्मजात गुण है और किसी का भला चाहने अथवा करने से स्वयं का और समाज का भी भला होता है। प्रदेश की जनता मेरा बड़ा परिवार है। उन्हें संकट की इस घड़ी में मदद की जरूरत है और एेसे में आगे बढ़ कर सभी की सहायता करना हमारा कर्त्तव्य है।
मुख्यमंत्री कोविड-19 महामारी के दौरान दिए गए योगदान का स्मरण करने पर कहा कि यह कार्य बिना किसी श्रेय के केवलमात्र मानवता की सहायता के लिए किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले एक विधायक के रूप में भी ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कोरोना महामारी से निपटने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने अपने एक वर्ष के वेतन के अलावा अपनी सावधि जमा (एफडी) में से 11 लाख रुपए का अंशदान किया था।
स्वेच्छा से मदद करने से होता है स्वयं व समस्त समाज का भला : सुक्खू
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