आवेदनों की जांच व चयन करेगी आरटीओ स्तर की कमेटी
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश के युवाआें को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदक की न्यूनतम आयु 23 वर्ष और गाड़ी चलाने का अनुभव होना जरूरी है। बोनाफाइड हिमाचली व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और लाभार्थी को ई-टैक्सी खुद चलानी होगी। एक परिवार से एक व्यक्ति ही इस योजना का लाभ उठा सकता है। सभी औपचारिकताआें को पूरा करने के साथ आवेदक को परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। आवेदनों की जांच व लाभार्थी का चयन आरटीओ स्तर की कमेटी करेगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा पहले चरण में ई-टैक्सी के लिए 500 परमिट जारी किए जाएंगे और आने वाले समय में मांग के आधार पर परमिट की संख्या बढ़ाई जाएगी। बेरोजगार युवाओं को आय के निश्चित साधन उपलब्ध करवाने के लिए चरणबद्ध तरीके से सरकारी विभागों, स्थानीय प्राधिकरणों, स्वायत्त निकायों, बोर्ड, निगम व सरकारी उपक्रमों को ई-टैक्सी उपलब्ध करवाई जाएगी। ई-टैक्सियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके आधार पर मासिक किराए की दरें तय कर दी गई हैं। यह योजना युवाओं को रोजगार और स्टार्ट-ऑप की गारंटी देने के साथ साथ वायु प्रदूषण को कम करने और हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में उपयोगी सिद्घ होगी। ई-वाहनों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को विशेष अधिमान दिया है और अपने पहले बजट में इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। 31 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा बनाने का लक्ष्य है।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने युवाओं के लिए स्टार्ट-ऑप योजना लाने का वादा किया था, जिसे पूरा कर दिया है। 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का यह पहला चरण है और जल्द ही इस योजना का दूसरा व तीसरा चरण भी शुरू किया जाएगा।
ई-टैक्सी परिचालन के लिए न्यूनतम 23 वर्ष की आयु , लाभार्थी को खुद चलानी होगी ई-टैक्सी
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