Sunday, January 11, 2026

प्रदेश के 1. 36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पैंशन योजना को लागू किया : सुक्खू

सचिवालय कर्मचारी संगठन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने में सचिवालय कर्मचारियों की अहम भूमिका है। वर्तमान राज्य सरकार कर्मचारी, महिला और किसान हितैषी सरकार है। प्रदेश में वर्तमान सरकार के गठन के बाद जनकल्याण के लिए अनेक निर्णय लिए गए। प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों के प्रति मानवीय व सामाजिक  दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके लिए पुरानी पैंशन योजना को लागू किया गया। मुख्यमंत्री ने यह बात बुधवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओपीएस लागू करना संवेदनशील सरकार का संवेदनशील फैसला है। यह निर्णय किसी राजनीतिक लाभ को ध्यान में रखते हुए नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की राज्य के विकास में महवपूर्ण भूमिका है। लंबे समय तक सेवाएं देने के वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित आय का साधन न हो तो वे सम्मान से जीवनयापन नहीं कर सकते हैं।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सचिवालय मिनी हिमाचल है जहां सभी जिलों की झलक देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि सचिवालय में कार्यरत सभी कर्मचारी हमारे परिवार के सदस्य हैं और उन्हें हिमाचल की जनता की आशाओं  के अनुरूप कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद वह बालिका आश्रम टूटीकंडी गए और अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आरंभ करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि 11 माह के कार्यकाल में वर्तमान सरकार की यह पहली प्रमुख योजना है। इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन अफ स्टेट’ का दर्जा दिया गया है।


ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने कांग्रेस पार्टी के ‘प्रतिज्ञा-पत्र’ में किए गए एक और वायदे को पूरा करते हुए 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-ऑप योजना आरंभ की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई प्रदेश में आपदा के दौरान 16 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं और वर्तमान राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों से उनकी हरसंभव सहायता कर रही है। कच्चे व पक्के घर को क्षति पहुंचने पर राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया है। इसके साथ-साथ बिजली व पानी का मुफ्त कनेक्शन और सीमेंट की बोरी 280 रुपए की दर से उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से विशेष पैकेज नहीं मिला है तथा अब इस पैकेज की कोई आशा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के कारण हुए नुक्सान के लगभग 10 हजार करोड़ रुपए के क्लेम नियमानुसार केन्द्र सरकार को भेजे हैं और हिमाचल प्रदेश को उसका जायज हक मिलना चाहिए।


इससे पहले मुख्यमंत्री के  ओएसडी गोपाल शर्मा ने नव निर्वाचित कार्यकारिणी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। संजीव शर्मा ने प्रधान, कमल कृष्ण शर्मा ने महासचिव, रमन शर्मा ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महेन्द्र सिंह ने उपाध्यक्ष, हुकम सिंह ने संयुक्त सचिव, रामपाल शर्मा ने कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी के 9 सदस्यों ने शपथ ग्रहण की। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री को कर्मचारियों की आेर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और आपदा के दौरान उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी बचत से 51 लाख रुपए की राशि आपदा राहत कोष में प्रभावितों की मदद के लिए दान में दी।

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