Thursday, August 6, 2026

मुख्यमंत्री ने नादौन विधानसभा क्षेत्र में दी विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात

सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मनसाई और सदोह में जनसमस्याएं सुनीं

हिमाचल आजकल

शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला हमीरपुर के नादौन विधानसभा क्षेत्र के लिए तीन विकासात्मक परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण किए। मुख्यमंत्री ने धनेटा में 7.60 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय स्नातक महाविद्यालय धनेटा के बी-ब्लॉक के भवन के साथ-साथ धनेटा में 2.29 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता समिति (वीड्ब्ल्यूएससी) भवन की आधारशिला रखी। उन्होंने 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बने उठाऊ पेयजल परियोजना जनसूह का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नादौन विधानसभा क्षेत्र में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत मनसाई और सदोह में जनसमस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।

धनेटा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धनेटा कॉलेज के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही नादौन विधानसभा क्षेत्र के खरीड़ी में इनडोर स्टेडियम बनाया जाएगा, जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को पिछली भाजपा सरकार से कर्ज विरासत में मिला है, लेकिन अब धीरे-धीरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है तथा एक वर्ष में ही 20 प्रतिशत का सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से 16 हजार परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार ने प्रभावितों को बसाने के लिए कानून में बदलाव किया और घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाले डेढ़ लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने के लिए केंद्र से कोई भी विशेष राहत पैकेज नहीं मिला है और केवल सभी राज्यों को मिलने वाली वार्षिक राशि के अनुसार प्रदेश का हक ही जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नियमानुसार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के दावे केंद्र सरकार को भेजे हैं, जो हिमाचल को मिलने हैं। इस संबंध में वे हाल ही में केन्द्रीय गृह मंत्री से भी मिले, लेकिन भाजपा नेता यह पैसा जारी करवाने में रोड़े अटका रहे हैं।

राज्य सरकार ने पहली कक्षा में बच्चे के दाखिले के लिए छह वर्ष की आयु निर्धारित की है लेकिन इस सत्र में बच्चों को आयु में कुछ माह की छूट दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में पिछली सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और पेपर बेचे गए। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए वर्तमान राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर इसके स्थान पर राज्य चयन आयोग गठित किया है, जिसमें भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होगी।

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