तापमान गिरने से समय पर पूरे होंगे सेब के पौधों में चिलिंग आवर
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल में ताजा बर्फबारी से बागवानों व किसानों को राहत मिली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुधवार को बर्फबारी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश हुई है। इससे बागवानों में एक बार फिर सेब व अन्य फसलों की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जगी है। सेब के पौधोंं में चिलिंग आवर पूरे होने की संभावना बन गई है।
प्रदेश मे लंबे समय से पड़े सूखे से बागवानों ने अब राहत की सांस ली है। ताजा हिमपात से सेब के पौधों में अब नमी मिलने लगी है। सुखे के चलते बागावनों सेब के बागीचों का कोई कार्य नहीं कर पा रहे थे। वहीं प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुधवार को दिनभर बर्फबारी होती रही। बागवानों अब फिर सेब के बागीचों में अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने में जुट जाएंगे। अब बागवान सेब के बागीचों में खाद डालने का काम कर सकेंगे। इसके अलावा बागीचों में सेब के नए पौधों को लगा सकेंगे। बागवानी विशेषज्ञ भी इस ताजा बर्फ को सेब की फसल के लाभदायक मानते है। हालांकि इस बार बर्फबारी काफी देर से हुई है। लेकिन इस बर्फबारी के बाद सेब के अच्छे उत्पाद की संभावना बन गई है। बुधवार को शिमला, कुल्लू मंडी व किन्नौर जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई है।

जिला शिमला के नारकंडा, खड़ापत्थर, चौपाल , रोहड़ू , कुमारसेन व रामपुर में बर्फबारी होने से तापमान में भारी गिरावट आई है। ताजा बर्फबारी से अब सेब के पौधों में चिलिंग आवर के समय पर पूरे होने की संभावना बन गई है। सेब के पौधो में 1400 से 1700 चिलिंग आवर पूरे होने जरूरी माने जाते है। चिलिंग आवर पूरे होने सेब के अच्छी पैदावर ही संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बहरहाल ताजा बर्फबारी व बारिश से बागवानों व किसानों के चेहरों पर रोनक लौट आई है।


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