कांग्रेस सरकार के पास सदन में 38 विधायकों के साथ पूर्ण बहुमत
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार प्रदेश की जनता के कल्याण और समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्घ है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष विकासात्मक कार्यों में अड़ंगे डालने के जितने चाहे प्रयास कर ले, सफलता नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका रचनात्मक होनी चाहिए जबकि प्रदेश में भाजपा खरीद-फरोख्त अरौर धनबल की राजनीति करने पर उतारू है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रबुद्घ जनता भी भाजपा की नीयत को जान चुकी है, इसलिए हाल ही में सम्पन्न उप-चुनावों में भाजपा को मतदाताओं ने करारा जवाब दिया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृतव में 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत का जनादेश मिला और उपचुनाव के बाद अब प्रदेश कांग्रेस सरकार एक बार फिर सदन में 38 विधायकों के साथ पूर्ण बहुमत से कहीं ज्यादा है।
रोहित ठाकुर ने भाजपा के मित्रों की सरकार के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल रही है और राज्य की जनता ने कांग्रेस की गारंटियों पर भरोसा किया और प्रदेश को विकास के मार्ग पर ले जाने का जनादेश दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के लोगों को अपना परिवार मानते हैं। राज्य के लोगों के प्रति उनका अपार स्नेह है। इसलिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी महिला सुख सम्मान योजना, राजीव गांधी स्टार्ट ऑप योजना और अन्य कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं।
शिक्षा मंत्री कहा कि मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन बहाल कर प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को जीवन भर का आश्रय प्रदान किया है ताकि वे सेवानिवृत्ति के बाद भी सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें। चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए सभी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। प्रदेश के बागवानों से प्रति किलो से हिसाब से सेब खरीदा जा रहा है। बागवानों के हित में यूनिवर्सल कार्टन को लागू करने का फैसला लिया गया है।
कमलेश ठाकुर को पार्टी ने सर्वे के आधार पर बनाया उम्मीदवार
रोहित ठाकुर ने कहा कि उप-चुनावों के लिए देहरा विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर का चयन पार्टी द्वारा किए गए विभिन्न सर्वेक्षणों के आधार पर किया गया है, जिसमें कमलेश ठाकुर सबसे आगे रही हैं। सभी सर्वेक्षणों की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि देहरा के लोग मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी को राज्य की विधानसभा में प्रतिनिधि के रूप में देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक कभी भी अपने पद या प्रभाव का उपयोग अपने परिवार के सदस्यों को संभावित नेता के रूप में पेश करने के लिए नहीं किया है। कभी भी मुख्यमंत्री को अपनी पत्नी या परिवार को किसी सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम में बतौर नेता बढ़ावा देते नहीं देखा। मुख्यमंत्री ने हमेशा निस्वार्थ भाव से पार्टी और प्रदेश की सेवा की है। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए टिकट देने का फैसला केंद्रीय नेतृत्व का है।


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