Monday, January 12, 2026

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट ऑप योजना से आएगी किसानों के जीवन में खुशहाली

योजना के तहत हर पंचायत से 10 किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश की एक बड़ी आबादी कृषि और कृषि ससे संबंधित कार्यों से आजीविका अर्जित करती है। मेहनतकश किसान खून पसीना बहाकर खेतों से सोना उगाते हैं। अन्नदाता को उनकी मेहनत का वाजिब दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
प्रदेश सरकार की राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट ऑप योजना किसानों की आय में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त करेगी। योजना के पहले चरण में हर पंचायत से 10 किसानों को रसायनमुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के तहत लगभग 36 हजार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना से जुडऩे वाले किसानों द्वारा प्राकृतिक रूप से तैयार गेहूं को 40 रुपए और मक्की को 30 रुपए प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। देश में गेहूं और मक्की पर दिया जाने वाला यह सबसे अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा।
किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की प्रदेश सरकार की मुहिम रंग ला रही है। वर्तमान में प्रदेश के 1,78,643 किसान-बागवान परिवारों ने प्राकृतिक खेती पद्धति को अपनाया है। प्रदेश में 24,210 हेक्टेयर भूमि पर इस विधि से खेती की जा रही है और  चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत वित्त वर्ष 2023-2024 में 1275.31 लाख रुपए खर्च कर 37,087 किसानों को लाभान्वित किया गया और 13,176 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक भूमि के अधीन लाया गया है। प्रातिक खेती उत्पादों की बिक्री के लिए 10 मंडियों में स्थान निर्धारित कर आधारभूत अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है।
किसान एवं उपभाक्ताओं के मध्य पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नवोन्मेषी पहल की गई है। इस पहल के तहत अभी तक प्रदेश के 76,000 से अधिक प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। जबकि 74,283 किसानों व बागवानों को प्रमाण-पत्र दिए जा चुके हैं।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles