एक लाख तक जुर्माने का प्रावधान
हिमाचल आजकल
शिमला। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. यूनुस ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार को रोकने और इसकी निगरानी करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में शराब कारोबारियों द्वारा लाभांश की तय दरों से अधिक दाम वसूलने पर हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 व इसके तहत बनाए गए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ओवर चार्जिंग में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को पहले उल्लंघन पर 15000 रुपए, दूसरे उल्लंघन पर 25000 रुपए, तीसरे उल्लंघन पर 50,000 रुपए और चौथे उल्लंघन पर एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अगर कोई ठेकेदार ओवर चार्जिंग करते हुए चार बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो संबंधित आबकारी अधिकारी तुरन्त जोनल कलेक्टर को ठेकेदार के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 29 के तहत कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। जिसके तहत ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द हो सकता है।
आबकारी आयुक्त ने बताया कि अधिक लाभांश पर शराब विक्रय करने की शिकायतों पर विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा शराब की दुकानों पर आबकारी नीति के तहत एमएसपी और लाभांश के बारे में जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन आेरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। उन्होंने बताया कि न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं।
शराब के अधिक दाम वसूलने पर होगी सख्त कार्रवाई: डॉ. यूनुस
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