Friday, February 27, 2026

हिमाचल में शिक्षा के क्षेत्र में 11 हजार करोड़ का बजट खर्च होगा : रोहित ठाकुर

शिक्षा मंत्री ने सरस्वती नगर स्कूल में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि की शिरकत
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग हर प्रदेश सरकार का अहम विभाग होता है। इसके माध्यम से क्षेत्र, प्रदेश और देश की दशा और दिशा तय होती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश निर्माता डा. यशवंत सिंह परमार के समय से ही शिक्षा विभाग को महत्ता मिली है। वर्ष 1947 में प्रदेश का साक्षरता दर केवल 7$5 प्रतिशत थी और एक लम्बी यात्रा प्रदेशवासियों ने तय की है जिसके फलस्वरूप साक्षरता दर आज करीब 83 प्रतिशत है जोकि पूरे भारत में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि देश के शीर्ष पांच राज्यों में हिमाचल प्रदेश शामिल है जहाँ शिक्षा पर सर्वाधिक बजट व्यय किया जाता है जोकि लगभग 18 प्रतिशत है।
शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरस्वती नगर में आयोजित अंडर-19 (छात्रा) खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारम्भ अवसर पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने कहा कि 2024-25 के बजट में 11 हजार करोड़ रूपए का बजट शिक्षा क्षेत्र में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष के कुल 52 हजार करोड़ रूपए के बजट में से लगभग 9800 करोड़ रूपए की राशि शिक्षा क्षेत्र के लिए रखी गई है। इसके अलावा, 1200 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि समग्र शिक्षा के माधयम से शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने में लगाई जा रही है।
उन्होंने कहा की इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में 12 जिला से 530 छात्राएं अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। उन्होंने कहा कि जितनी महत्वपूर्ण शैक्षिक गतिविधियां होती हैं उतनी ही अहम खेलकूद गतिविधियां होती हैं ताकि हर ²ष्टिकोण से बच्चों का शरीर विकसित हो। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गुणात्मक शिक्षा की दिशा में प्रदेश सरकार ने पिछले 20 माह में लगातार ठोस कदम उठाये हैं। 2022 में वर्तमान प्रदेश सरकार के बनाने के बाद पहले वर्ष में सरकार ने शिक्षा विभाग में लगभग 7000 पद भरने की स्वीकृति दी। इसके अलावा करीब 3000 पद प्रारंभिक शिक्षा में बैच वाइज भरे जा चुके है जोकि रिकॉर्ड भर्ती के रूप में शामिल है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लेक्चरर के 700 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इनकी नियुक्ति दुर्गम क्षेत्रों में की जाएगी।

उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के प्रिंसिपल की पदोन्नति काफी समय से लंबित थी जिसके लिए 2023 में डीपीसी और सीधी भर्ती के माध्यम से प्रिंसिपल के लगभग 99 पदों को भरा गया है और हाल ही में भी प्रिंसिपल के लगभग 23 पद और भरे गए हैं। इसी प्रकार, 484 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भी पिछले वर्ष भरा गया है और आने वाले समय में सीधी भर्ती के लगभग 2800 रिक्त पद प्रारंभिक शिक्षा विभाग में भरे जाने हैं जिसके लिए हमीरपुर चयन आयोग को मामला भेजा जा चूका है। उन्होंने बताया कि लगभग 6200 एनटीटी की भर्ती भी शीघ्र प्रारम्भ होने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्येय है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रयाप्त मात्रा में शिक्षक उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रदेश का अपना मॉडल सबसे बेहतर रहा है क्योंकि यहाँ दुर्गम परिस्थितियां होने के बावजूद प्रदेश ने शिक्षा में नए आयाम स्थापित किये हैं। 

रोहित ठाकुर ने कहा कि सरस्वती नगर कॉलेज में पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान लगभग 7 नए कोर्स चलाये गए ताकि स्किल बेस्ड एजुकेशन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो। इसी प्रकार, प्रगतिनगर के तकनिकी संसथान में नई स्ट्रीम चलाई। आने वाले समय में इसे और आगे बढ़ने के प्रयास किये जायेंगे। 


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सरस्वती नगर स्कूल में मंच निर्माण के लिए 34 लाख देने की घोषणा
रोहित ठाकुर ने सरस्वती नगर स्कूल में मंच निर्माण के लिए 34 लाख रूपए देने की घोषणा। इसी प्रकार, उन्होंने साइंस ब्लक में शौचालय निर्माण के लिए भी पैसा देने का आश्वाशन दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छत की मुरमत के लिए प्राकलन तैयार करवाने के निर्देश दिए ताकि इसके लिए पैसा स्वीत करवाया जा सके। सरस्वती नगर कॉलेज के बहुउदेशीय भवन का कार्य प्रगति पर है और इस पर 8 करोड़ 36 लाख रूपए की राशि खर्च होगी। इसी तरह, नया पीजी ब्लॉक 3 करोड़ रूपए से बन रहा है और इंडोर स्टेडियम का टेंडर भी शीघ्र लगेगा। प्रतियोगिता के सभी 12 जिलों से आई छात्राआें के दलों द्वारा बेहतरीन सांस्तिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। इस बीच शिक्षा मंत्री ने बच्चों और शिक्षकों के साथ नाटी भी डाली।

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