Saturday, February 28, 2026

ऑपरेशन अभ्यास 7 मई को होगा सायं चार बजे

डीसी कार्यालय और संजौली क्षेत्र में होगी मॉक ड्रिल

7:20 बजे से लेकर 7:30 तक ब्लैकआउट

हिमाचल आजकल

शिमला। शिमला शहर में मॉक ड्रिल “ऑपरेशन अभ्यास” 7 मई 2025 को सांय चार बजे आयोजित होगी । उपायुक्त कार्यालय परिसर और संजौली क्षेत्र के पार्किंग में ऑपरेशन अभ्यास किया जाएगा।

वहीं शहर में शाम 7:20 बजे से लेकर 7:30 तक पूरे शहर शिमला में ब्लैकआउट किया जाएगा। जिला प्रशासन सुबह 10 बजे से ही मॉक ड्रिल की तैयारियां शुरू करेगा। यह जानकारी उपायुक्त अनुपम कश्यप ने दी।

उपायुक्त ने कहा कि लोग प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें और ऑपरेशन अभ्यास में अपनी सहभागिता भी निभाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने ऑपरेशन अभ्यास को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली है।

इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, अतिरित जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, उप मंडलाधिकारी (ना) ग्रामीण मनजीत शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

आम नागरिक इन नियमों का करें पालन

*मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज सकते हैं। यह समझना आवश्यक है कि यह एक अभ्यास है, इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सायरन की आवाज सुनकर शांत रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।*

*सायरन बजने पर तुरंत खुले इलाकों से हट जाएं और किसी सुरक्षित इमारत, घर, या बंकर में शरण लें।*

 *यदि आप बाहर हैं, तो नजदीकी इमारत में प्रवेश करें और सायरन बजने के 5-10 मिनट के भीतर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का अभ्यास करें। यदि आपके क्षेत्र में बंकर उपलब्ध हैं, तो वहां जाएं।

मॉक ड्रिल के दौरान ‘क्रैश ब्लैकआउट’ का अभ्यास होगा, जिसमें सभी लाइटें बंद कर दी जाएंगी, ताकि दुश्मन के लिए निशाना लगाना मुश्किल हो। अपने घर की खिड़कियों, रोशनदानों और दरवाजों को काले कपड़े या अन्य सामग्री से ढकें, ताकि कोई रोशनी बाहर न जाए।*

सड़क पर वाहन चलाते समय लाइटें बंद करें और वाहन को रोक दें, जैसा कि प्रशासन द्वारा निर्देशित हो।

स्थानीय प्रशासन, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स और पुलिस के साथ सहयोग करें। यदि आप सिविल डिफेंस या होम गार्ड के साथ जुड़े हैं, तो अपनी जिम्मेदारियों को समझें और दूसरों की मदद करें। पड़ोसियों और समुदाय के साथ मिलकर काम करें ताकि सभी लोग सुरक्षित रहें। बच्चों को ड्रिल के बारे में पहले से समझाएं ताकि वे घबराएं नहीं। उन्हें सायरन और ब्लैकआउट की प्रक्रिया के बारे में भी बताएं। बुजुर्गों और विशेष जरूरतों वाले लोगों की सहायता करें ताकि वे सुरक्षित स्थान तक पहुंच सकें।

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