राज्यपाल ने योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान किया
हिमाचल आजकल
शिमला। राजभवन शिमला में आज 11वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे और अन्य प्रतिभागियों के साथ विभिन्न योग आसनों का अभ्यास किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और सभी के स्वस्थ जीवन की कामना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि योग की शास्वत प्रासंगिकता है और यह अध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त अहम है। उन्होंने कहा कि योग मानव जगत के लिए भारत के ऋषि मुनियों का एक अनमोल उपहार है। यह न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मन और आत्मा को जोडऩे का माध्यम भी है।
राज्यपाल ने कहा कि योग को विधिवत रूप देने का श्रेय जहां महर्षि पंतजलि को जाता है वहीं योग परम्परा की शुरूआत आदियोगी भगवान शिव से मानी जाती है। भगवान शिव ने ही योग नृत्य और ध्यान की शुरूआत की और मानवता को यह दिव्य परम्परा भेंट की।

शुक्ल ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि इस प्राचीन धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा मिली है और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने से भारत की संस्कृतिक विरासत को विश्वभर में मान्यता और सम्मान मिला है। आज विश्व के अनेक देश इस दिन को योग दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मना रहे हैं।


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