Thursday, February 26, 2026

मत्स्य पालन विभाग को गोल्डन माहशीर के संरक्षण के लिए मिला प्रतिष्ठित स्कच गोल्ड अव

मुख्यमंत्री ने प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए विभाग को दी श़ुभकामनाएं
हिमाचल आजकल
श्यिामला। हिमाचल प्रदेश के मत्स्य पालन विभाग को सफल कैप्टिव प्रजनन योजना के माध्यम से गंभीर रूप से लुप्तप्राय गोल्डन माहशीर के संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय और अग्रणी प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित स्कच गोल्ड अवर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार बीते 20 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।
गोल्डन माहशीर एक ताजे पानी की मछली की प्रजाति है जो न केवल राज्य की जलीय जैव विविधता का प्रतीक है बल्कि हिमाचल प्रदेश, केंद्रीय शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश की राज्य मछली भी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि के लिए विभाग को बधाई दी है उन्होंने कहा कि कहा कि स्कच गोल्ड अवर्ड जैव विविधता संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार की अटूट प्रतिबद्घता और अभिनव ²ष्टिकोण का एक प्रमाण है। स्कच समूह प्रभावशाली शासन परियोजनाआें को सम्मानित करने के लिए प्रसिद्घ है और उनके द्वारा यह राष्ट्रीय मान्यता एकीत संरक्षण रणनीति की प्रभावशीलता को और प्रमाणित करती है। यह पुरस्कार गोल्डन माहशीर के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार के अहम प्रयासों को रेखांकित करता है।
यह पुरस्कार विभाग की आेर से राज्य मत्स्य पालन के निदेशक एवं प्रारक्षी हिमाचल प्रदेश विवेक चंदेल और सहायक निदेशक, मत्स्य, डा. सोम नाथ ने प्राप्त किया।
मत्स्य पालन क्षेत्र प्रदेश के करीब 20,000 वयक्तियों को बतौर मछुआरे, फिश फार्मर, मछली विक्रेता और मछली उद्यमी रोजगार प्रदान करता है। पिछले कुछ दशकों में जलविद्युत परियोजनाआें से आवास के क्षरण, अत्याधिक मछली पकडऩे और मानवीय ग्तिविधियों से होने वाले प्रदूषण सहित कई खतरों के कारण हिमाचल प्रदेश में गेल्डन माहशीर की आबादी में चिंताजनक गिरावट आई है।

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