Sunday, January 11, 2026

शिक्षा मंत्री ने बखोल के भवन का किया लोकार्पण

कोटखाई में विभिन्न परियोजनाओं के किए उद्घाटन एवं विकास कार्यों का किया निरीक्षण

हिमाचल आजकल

शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज कोटखाई में अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जहाँ पर उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन किए और विकास कार्यों के निरीक्षण किये। उन्होंने 24 लाख रुपये से निर्मित ग्राम पंचायत बखोल के भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने इस भवन के बनने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस भवन के निर्माण से पंचायती राज संस्थाओं को अपने कार्यों के निष्पादन में सहायता मिलेगी। साथ ही विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। 

उसके बाद रोहित ठाकुर ने लगभग 1 करोड़ 83 लाख रुपए से निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखोल के भवन के निर्माण कार्य का निरिक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं और आने वाले समय में यह सभी केंद्र आम जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होंगे।
शिक्षा मंत्री ने 15 लाख रुपए से नवीनीकृत राजकीय उच्च विद्यालय बखोल के भवन का निरीक्षण भी किया।

महासू स्कूल के अतिरिक्त भवन का किया उद्घाटन 

उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय महासू के अतिरिक्त भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के अतिरिक्त भवन के निर्माण एवं नवीनीकरण हेतू 1 करोड़ 78 लाख रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिसके परिणामस्वरुप यह कार्य पूर्ण हुआ है। रोहित ठाकुर ने बताया कि बलसन क्षेत्र और विशेष कर बखोल शिलागाँव से उनका एक पारिवारिक और भावनात्मक सम्बन्ध है जो स्वर्गीय ठाकुर राम लाल के समय से चला आ रहा है। इसी के दृष्टिगत हुल्ली महासू सड़क जो इस क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क है उसे 13 करोड़ रूपये की लागत से पक्का करने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही कुफर से महासू सड़क को भी 12 करोड़ 76 लाख रूपये से स्तरोन्नत किया जा रहा है। इसके साथ ही गुम्मा बखोल उठाऊ सिंचाई परियोजना को 3 करोड़ 90 रूपये की स्वीकृति हेतू भेजा गया है। वित्त का प्रावधान होते ही कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा।
रोहित ठाकुर ने पिछले 3 वर्षों के दौरान प्रदेश भर में हुए विकास कार्यों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्ष जनता-हित, पारदर्शिता और प्रणालीगत सुधारों के रहे हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, युवाओं को सशक्त बनाना, कमजोर वर्गों को सुरक्षा देना और हिमाचल प्रदेश को समृद्ध, हरित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है। तीन साल में कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक और क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा हमने चुनाव के समय 10 गारंटियां दी थीं जिनमें से सात को पूरा कर समाज के विभिन्न वर्गों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश के 1,36,000 कर्मचारियों से किए गए ओपीएस के वायदे को पहली कैबिनेट बैठक में पूरा किया और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को सम्मान व आर्थिक सुरक्षा प्रदान की।

गुणात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान
प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है जिसके परिणामस्वरुप राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश की रैंकिंग 21वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। सरकार ने 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया है और 20 विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शिमला जिला के कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति मिली है। सरकार प्रदेश के अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा मशीनें प्रदान करने पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करेगी तथा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जुब्बल नावर कोटखाई मे वर्तमान में 500 करोड़ रूपये से सड़क निर्माण एवं मुरम्मत के कार्य प्रगति पर हैं जो हिमाचल में सर्वाधिक हैं। साथ ही पिछले 3 वर्षो के दौरान 154 नई सड़कों की सफलता पूर्वक पासिंग की गई है जबकि पिछली भाजपा सरकार में यह आंकड़ा केवल 5 सड़कों तक सिमटा हुआ था। उनका संकल्प है कि प्रत्येक गाँव एवं हर व्यक्ति सड़क सुविधा से जुड़े और विकास यात्रा में आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने नशे से दूर रहने की सभी छात्रों को शपथ भी दिलाई।

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