Sunday, January 11, 2026

शिक्षा मंत्री ने 1.46 करोड़ से नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरथाटा का किया लोकार्पण

स्वास्थ्य केंद्र के बनने से बरथाटा, कठासु व बढ़ाल पंचायत के लोग होंगे लाभान्वित
हिमाचल आजकल
शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज 1 करोड़ 46 लाख रुपए से नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरथाटा (बटाडग़लू) का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंनेकहा कि यह स्वास्थ्य संस्थान रिकॉर्ड 2 वर्षों में बनकर तैयार हुआ है और इस स्वास्थ्य केंद्र के बनने से ग्राम पंचायत बरथाटा, कठासु और बढ़ाल पंचायत के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में इस समय 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण जारी है और इन सभी संस्थानों की स्वीकृति भी पिछली कांग्रेस सरकार के समय में ही मिली थी और इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास भी उन्हीं के द्वारा किया गया था।
सडक़ों के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना चरण-3 के तहत भगोली बरथाटा सडक़ को 18 करोड़ 37 लाख रूपए की लागत से स्तरोन्नत किया जा रहा हैए जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और कार्य प्रगति पर है। कठासु सावड़ा सडक़ को भी 19 करोड़ 13 लाख रूपए से स्तरोन्नत किया जा रहा है, जिसका 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही नाबार्ड के तहत मिहाना खड्ड से बढ़ाल लेहरोटी बनाना कटारला सडक़ का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, इस सडक़ के उन्नयन कार्य पर 14 करोड़ 59 लाख रूपए खर्च हुए है।

पिछले 3 वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को किया मजबूत
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले 3 वर्षों के कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में गंभीर और प्रभावी निर्णय लिए गए हैं । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटखाई एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनकर उभरा है। इस संस्थान में मेडिसिन, गायनी, आँखों, बच्चों और विभिन्न स्पेशलिस्ट डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे है।
रोहित ठाकुर ने बताया कि सेब की बागवानी हिमाचल की आर्थिकी की रीड है। सरकार ने सेब के समर्थन मूल्य में 2 रुपए की बढ़ोतरी की है। सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 153 करोड़ रूपए की राशि को एक मुश्त जारी किया।

पर आयात शुल्क कम करने से हिमाचल के बागवानों को होगा नुक्सान
उन्होंने बताया कि सेब बागवानी के नाम पर भाजपा जनता में भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2025 की भीषण आपादा के दौरान भी सडक़ों को दिन रात दुरुस्त किया गया और बागवानों के सेब का 100 प्रतिशत विपणन किया गया। केंद्र की सरकार द्वारा इस समय हिमाचल की सेब बागवानी नष्ट करने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत अभी कुछ दिनों पहले ही न्यूज़ीलैंड से आयात होने वाले सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया हैए। इसका सीधा नुकसान हिमाचल के बागवानों को होगा।

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