Wednesday, February 25, 2026

आरट्रैक में 78वें सेना दिवस कार्यक्रम का आयोजन, राज्यपाल मुख्य अतिथि के तौर पर हुए शामिल


राज्यपाल ने सेना को अद्वितीय बलिदान, अदम्य साहस और अटूट संकल्प का प्रतीक बताया

हिमाचल आजकल

शिमला। आर्मी ट्रेनिंग कमांड, शिमला द्वारा आयोजित 78वें सेना दिवस कार्यक्रम के अवसर पर राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि मौजूदा परिप्रेक्ष्य में जब सुरक्षा चुनौतियाँ निरंतर बदल रही हैं, साइबर युद्ध, सूचना युद्ध और अन्य खतरे बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में आर्मी ट्रेनिंग कमांड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दिए जा रहे नेतृत्व और प्रशिक्षण, भारतीय सेना को न केवल सशक्त, बल्कि नैतिक और मानवीय मूल्यों से भी युक्त बनाए रखते हैं।

श्री शुक्ल ने कहा कि सेना दिवस केवल एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा के लिए भारतीय सेना द्वारा किए गए अद्वितीय बलिदान, अदम्य साहस और अटूट संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि आरट्रैक भारतीय सेना की प्रशिक्षण एवं सिद्धांतगत उत्कृष्टता का केंद्र है। राज्यपाल ने कहा, ‘‘भविष्य के युद्धक्षेत्रों की जटिल चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आर्मी ट्रेनिंग कमांड द्वारा दिए जा रहे यथार्थपरक, तकनीक सक्षम एवं बहुआयामी प्रशिक्षण से भारतीय सेना सदैव तैयार और सक्षम बनी हुई है।’’ उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और भारतीय सेना के बीच एक विशेष, ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंध रहा है। यह वीरभूमि असंख्य ऐसे सपूतों की जन्मस्थली रही है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। राज्यपाल ने कहा, ‘‘हमारे राज्य के लगभग प्रत्येक गांव में सैन्य सेवा की गौरवशाली परंपरा देखने को मिलती है, जो यहां की संस्कृति और जीवन मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है।

शुक्ल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल के वर्षों में रक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक दूरदर्शी और ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के रक्षा बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए लगभग 681210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पूर्ववर्ती वर्ष की तुलना में लगभग 9.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ा हुआ आवंटन बदलते वैश्विक सुरक्षा परिवेश में भारत की रणनीतिक प्रतिबद्धता और दीर्घकालिक दृष्टि का परिचायक है।

राज्यपाल ने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से सेना में युवा ऊर्जा का समावेश हुआ है। इस योजना के लिए बजटीय प्रावधानों में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे 11,000 करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पहल न केवल सेना को अधिक चुस्त और सक्षम बनाती है, बल्कि युवाओं को अनुशासन, कौशल और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से भी जोड़ती है।’’

उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण की दिशा में वन रैंक वन पेंशन के अंतर्गत जुलाई 2024 से लागू संशोधनों ने लाखों परिवारों को सम्मानजनक आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसके साथ ही, एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम के लिए लगभग 8317 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और व्यापक बनाया गया है, जिससे 55 लाख से अधिक लाभार्थी सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।

शुक्ल ने कहा, ‘‘रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की रणनीतिक प्राथमिकता है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन, सार्वजनिक एवं निजी उद्योग की भागीदारी के माध्यम से भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी प्रणालियों की प्रभावी भूमिका में देखा गया।’’

उन्होंने कहा कि गत वर्ष भारतीय सेना की ऑपरेशन सिंदूर में अभूतपूर्व विजय व उसके पश्चात उभरती परिचालन आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में, लगभग 50,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त अनुपूरक रक्षा आवंटन पर भी किया जा रहा है। इससे आधुनिकीकरण, अनुसंधान एवं विकास, तथा परिचालन तत्परता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

राज्यपाल ने इस अवसर पर सैनिकों के परिवारों के त्याग और धैर्य को भी नमन किया तथा कहा कि सैनिकों के पीछे खड़े उनके परिवार उनकी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनका मौन बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने उन सभी वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान दिया।

इससे पूर्व, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, आर्मी ट्रेनिंग कमांड जनरल श्री देवेन्द्र शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने हर परिस्थिति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध किया है भारतीय सेना तीव्र, संतुलित और ठोस जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आर्मी ट्रेनिंग कमांड का उद्देश्य भारतीय सेना को 21वीं सदी के युद्ध के लिए तैयार करने का प्रशिक्षण देना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि ही नहीं बल्कि वीरभूमि भी है। यहां के वीर नायकों ने अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं। उन्होंने इस मौके पर उन वीर सैनिकों को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में देशभक्ति अद्भुत है और स्थानीय नागरिकों का भी सेना को भरपुर सहयोग मिलता है। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा सेना और उनके परिवार के लिए कार्यान्वित विभिन्न योजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सेना दिवस पर सभी से मिलकर सशक्त भारत के निर्माण में सहयोग का आग्रह किया।

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