कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही सरकार: मुकेश अग्रिहोत्री
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में वीरवार को पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा गरमाया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने पुरानी पेंशन योजना का मामला उठाया। विपक्ष नियम-67 के तहत इस पर चर्चा मांग कर रहा था जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष सदस्यों ने वेल में जाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुरानी पेंशन योजना के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन का वॉकआउट कर दिया है। इससे पहले विधानसभा में कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक जगत नेगी ने आेपीएस को लेकर कर्मचारियों के धरने का मामला उठाया। उनका कहना था कि सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबा रही है। विपक्ष ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष को निगम-67 के तहत स्थन प्रस्ताव दिया था। विपक्ष स्थगन प्रस्ताव चर्चा करना चाहता था।
इसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि कर्मचारियों को आंदोलन नहीं करने दिया जा रहा। मुख्य सचिव कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने के लिए पत्र निकाल रहे है। सरकार कर्मचारियों पर काम नहीं वेतन नहीं की व्यवस्था लागू कर रही है। इस बीच कांग्रेस विधायकों और सीपीएम के विधायक राकेश सिंघा ने वेल में जाकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाती की। बाद में विपक्ष ने इस मामले में सदन का वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस ने अपने आप का माकपा के पास कर दिया आऊटसोर्स: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन का वॉकआउट करना विपक्ष का रोज का काम हो गया है। कांग्रेस के अंदर नेतृत्व का बड़ा संकट आ गया है। कांग्रेस को नारेबाजी के लिए मापका विधायक सहायेग लेना पड़ रहा है। लगता है कि कांग्रेस ने अपने आप को माकपा के पास आऊटसोर्स कर दिया है। उनका कहना था कि पुरानी पेंशन योजना का फैसला वर्ष 2003 में लागू किया गया था। तक हिमाचल में कांग्रेस की सरकार थी और वीरभद्र सिंह मुख्मंत्री थे। तब वीरभद्र सिंह ने ओल्ड पैशन को लेकर सभी शर्ते मानी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी की भूमिका अहम होती है लेकिन कर्मचारियों द्वारा दवाब बनाना उचित नहीं है। कर्मचारी अपने बात सरकार के समक्ष रख सकते है और सरकार ही इस पर निर्णय लेगी। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना को लेकर आंदोलन में कांग्रेस व माकपा की विचारधार के लोग शिमला आए है। कांग्रेस सत्ता हासिल करने करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में राजस्थान में भी ओल्ड पैंशन स्कीम को दोबारा शुरू करना संभव नहीं हो पाएगा।


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