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शिमला। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने अ कहा कि हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में स्थित 66 मेगावाट की धौलासिद्घ जलविद्युत परियोजना के लिए वित्तीय क्लोरजर को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है। 66 मेगावाट की धौलासिद्घ जलविद्युत परियोजना के वित्तीय क्लोजर पर हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की सहमति मिल गई है। उन्होंने बताया कि धौलासिद्घ जलविद्युत परियोजना की परियोजना लागत 688 करोड़ रुपए है और इसे 80:20 के ऋण इक्विटी अनुपात के माध्यम से वित्त-पोषित किया जा रहा है। ऋण करार के अनुसार, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक 6.71 फीसदी प्रतिवर्ष की प्रभावी ब्याज दर पर ऋण उपलब्धह कराएगा। नंद लाल शर्मा ने कहा कि ष्वित्तीय क्लोजर परियोजना के विकास का एक चरण है, जब फायनान्स द्वारा निधियों की प्रारंभिक उपलब्धता से पहले वित्त-पोषण करार की सभी शर्तों को पूरा किया जाता है। उनका कहना है कि हिमाचल के हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में अवस्थित 66 मेगावाट की धौलासिद्घ जलविद्युत परियोजना की आधारशिला दिनांक 27 दिसंबर, 2021 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी द्वारा रकी गई थी। परियोजना की निर्माण गतिविधियां पूरे जोरों पर हैं और 90 फीसदी डिपेन्डेरबल वर्ष में 304 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे। एसजेवीएन ने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 500 गीगावट स्थापित क्षमता प्राप्त करने की भारत सरकार की प्रतिबद्घता को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन की तीव्र गति से यात्रा शुरू की है। गत दो वर्षों में कई नई परियोजनाएं हासिल की गई हैं, और अभी भी अनेक परियोजनाएं पाइपलाइन में है। एसजेवीएन प्रबंधन ने अपने साझा विजन लक्ष्यों को वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट तक संशोधित और अपग्रेड किया है।


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