हिमाचल आजकल
शिमला, प्रदेश सरकार आवारा पशुओं की समस्या के स्थाई समाधान के लिए जून 2022 तक 11.20 करोड़ रुपये की लागत से चम्बा, कांगड़ा तथा विलासपुर जिलों में आठ नये गौसदन संचालित करेगी। जिसमें लगभग 9000 कमज़ोर, वृद्ध तथा निराश्रय गौधन को आश्रय मिलेगा जिससे अवारा पशुओं की समस्या के स्थाई समाधान को बल मिलेगा।
राज्य के पशुपालन मंत्री श्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि राज्य सरकार कांगड़ा ज़िला के खबल (राशि 2,67,34,000 रु.), कंगघिन (राशि 1,87,100) मरहून (राशि 1,17,00,000) कुदान (राशि 2,92,16,600), नगरोटा बगवां (राशि 35,00,000) एवं चम्बा ज़िला के मझीर (राशि 1,66,76,426 रु.) तथा विलासपुर ज़िला के गसोता (राशि 53,41,800) रुपये की लागत से निर्माणाधीन गौशालाओं का कार्य जून तक पूरा कर लेगी ताकि आवारा गायों/पशुघन को प्रकृतिक शांत वातावरण में आश्रय प्रदान किया जा सके।
राज्य के पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि इस समय राज्य में संचालित 197 गौशालाओं एवं 8 बड़ी गाय अभ्यारणों /सेंकचुरीज के माध्यम से 20252 आबारा / बीमार / बृद्ध गायों/पशुधन को सुरक्षित आरामदेह आश्रय प्रदान किया गया है। जबकि इस समय सड़कों पर आवारा 10253 गौवंशों/पशुधन को निर्माणाधीन गौशालाओं तथा संचालित गौशालाओं की क्षमता को बढ़ाकर प्रकृतिक वातावरण में आश्रय प्रदान किया जाएगा। जिससे राज्य में आवारा पशुओं का स्थायी समाधान चालू वर्ष के अंत तक ढूंढ लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 50 कनाल भूमि क्षेत्र में 400 कनाल भूमि क्षेत्र पर निर्माणाधीन गौशालाओं का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उन्हें स्थानीय एस.डी.एम की अध्यक्षता में गठित स्थानीय प्रबंधन समितियों के तत्वाधान में संचालित किया जाएगा। राज्य के पशुपालन मंत्री श्री वीरेन्द्र कंवर ने बताया कि राज्य सरकार गोपाल योजना के अंतर्गत गौशालाओं को पहली अप्रैल से सात सौ रुपया प्रति पशुधन/ प्रतिमाह सहायता राशि प्रदान कर रही है ताकि चारे/भूसे की कीमतों में बढ़ौतरी, महामारी के दौरान दान में आई कमी तथा महंगाई से खर्चों में बढ़ौतरी की भरपाई की जा सके। राज्य सरकार गौशालाओं को आर्थिक रुप से स्वावलंबी बनाने के लिए वार्षिक 7.5 करोड़ रुपये ग्रांट इन एड प्रदान कर रही है जबकि शराब की बिक्री पर लगाए गए महसूल/सेस से गौसदनों को लगभग 12 करोड़ रुपये वार्षिक धन राशि एकत्रित की जाएगी। हिमाचल प्रदेश गौ सेवा आयोग ने धार्मिक प्रवृति के नागरिकों तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों, कॉरपोरेट घरानों से दान इकट्ठा करने के लिए अपनी वेबसाईट के माध्यम से अभियान शुरु किया है जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
राज्य सरकार ने गौसदनों को आर्थिक रुप से स्वावलम्बी बनाने के लिए 3 अगस्त 2020 को गोपाल योजना शुरु की जिसके अन्तर्गत राज्य सरकार ने प्रति गौवंस/ प्रति माह पांच सौ रुपये की वित्तिय सहायता प्रदान की तथा 31 मार्च 2022 तक राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत गौसदनों की प्रबंधक समितियों/गैर सरकारी संगठनों को लगभग 14,26,36,384 रुपये की वित्तिय सहायता प्रदान की तथा पहली अप्रैल 2022 से यह राशि बढ़ाकर 700 रुपये/प्रति पशुधन/प्रति माह तक कर दी गई है।


| All Rights Reserved | Website By :