डॉक्टरों की नियुक्ति में वॉक-इन-इंटरव्यू प्रणाली जारी रहें : रोहित ठाकुर
हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश सरकार द्वारा डॉक्टर भर्ती की वॉक-इन-इंटरव्यू व्यवस्था को बन्द करने के सैद्घांतिक निर्णय का वरिष्ठ कांग्रेस नेता व जुब्बल नावर कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने कड़ा विरोध किया हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी का सबसे अधिक असर प्रदेश के ग्रामीण व पहाड़ी इलाको के दूरदराज क्षेत्रों में पड़ता हैं। डॉक्टरों की वॉक-इन-इंटरव्यू से नियुक्ति पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के लिए शुरू की गई थी क्योंकि कमीशन से भर्ती प्रक्रिया में लंबा समय लगता था। सरकार के मंत्री व अधिकारी कमीशन से भर्ती करने के पीछे डॉक्टरों की कमी न होने की बात कह रहें हैं जो कि तथ्य के विपरीत हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सच्चाई तो यह हैं कि जुब्बल नावर कोटखाई में ही डॉक्टरों के 12 पद रिक्त पड़े हैं जबकि 7 पीएचसी बिना डॉक्टरों के चल रही हैं और आएं दिन ये रिक्त पद बढ़ते ही जा रहें हैं। उन्होंने कहा प्रदेश के अन्य ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्र भी डक्टरों की भारी कमी से जूझ रहें हैं। उनका कहना है कि सरकार वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से डक्टरों की भर्ती प्रक्रिया को जारी रखें और सरकार यह भी सुनिश्चित करें कि नियुक्ति कम से कम तीन साल के लिए जरूरी हो। ग्रामीण इलाको में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, मेल व फीमेल हेल्थ वर्कर के अधिकतर पद खाली चल रहें हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई के 34 स्वास्थ्य उप केंद्रों से कुल 67 स्वीकृत पदों में मात्र 18 पद भरें गए हैं जबकि 49 पद रिक्त चल रहें हैं। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति इससे भी बदतर हैं। 27 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा अधिकारियों के 27 स्वीकृत पदों में मात्र 9 पद भरें हैं जबकि 18 पद रिक्त चल रहें हैं।


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