हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल के बागवानों को फल मंडियों में उनके उत्पाद के ऊंचे दाम मिलने लगे है। सेब के बाद अब नाशपाती ने मंडियों में दस्तक देनी शुरू कर दी है। मंगलवार को शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी नाशपाती की धमाकेदार एंट्री हुई है। भट्ठाकुफर फल मंडी में नाशपाती की एक पेटी 2800 रूपए में बिकी। वहीं भट्ठाकुफर फल मंडी में अर्ली वैरायटी सेब के भी बागवानों को ऊंचे दाम मिल रहे है।
प्रदेश के फल मंडियों में शुरूआती दौर में बागवानों को उनके उत्पाद के ऊंचे दाम मिलने लगे है। फल मंडियों में अभी कम ऊंचाई वाजले क्षेत्रों से अर्ली वेरायटी का सेब पहुंच रहा है। इसक अलावा निचले क्षेत्रों से नाशपाती भी मंडियों में आनी शुरू हो गई है। सेब के मुकाबले नाशपाती के फल मंडी में ज्यादा दाम मिल रहे है। मंगलवार को चौपाल के झीकनीपुल से नाशपाती कह खप भट्ठाकुफर फल मंडी में पहुंची। नाशपाती की खरीद करने में बाही राज्यों के खरीददारों में अधिक दिलचस्पी दिखी। मुंबई के खरीददार ने नाशपाती की एक पेटी 2800 रूपए में खरीदी। सूबे में जुलाई महीने में सेब सीजन जोर रफ्तार पकडऩी शुरू कर देगा। बाहरी राज्यों के सेब के खरीदारों भी मंडियों में पहुंचने लगे है।
भट्ठाकुफर फल मंडी के आढ़ती अनूप चौहान का कहना है किअ अच्छी क्वालटी के सेब की मंडियों में अधिक डिमांड है। सेब के साथ साथ नाशपाती की मांग भी बढऩे लगी है। चौपाल क्षेत्र की नाशपताी के बागवानों को अच्छे दाम मिले है। उनका कहना है कि बागवान सेब तुड़ान में जल्दबाजी न करें। सेब की अच्छी तरह से तैयार होने के बद ही मंडियों में भेंज। ताकि बागवानों को सेब का उचित दाम मिल सकें।


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