Sunday, April 12, 2026

दाल, चावल, आटा, गेहूं पर जीएसटी लगाकर आम आदमी की तोड़ी कमर : सुक्खू

दही और अनाज को भी नहीं छोड़ा, आम आदमी की दुश्मन बनी मोदी सरकार

हिमाचल आजकल

शिमला, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डिब्बा बंद, मार्का वाले अनब्रांडेड खाद्य पदार्थों पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई से दाल, चावल, आटा, दही, गेहूं समेत सभी अनाज अब और महंगे हो जाएंगे। महंगाई पहले ही सातवें आसमान पर है, इन पदार्थों के दाम बढ़ने से आम आदमी की कमर ही टूट जाएगी। 

सुक्खू ने कहा कि इन पदार्थों पर अभी तक कोई जीएसटी नहीं लगता था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आम जनता की दुश्मन बन गई है। कांग्रेस इन पदार्थों पर जीएसटी लगाने का पुरजोर विरोध करती है। केंद्र सरकार इस निर्णय को वापस ले, अन्यथा जनता को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। सरकार लोगों को महंगाई से राहत देने की बजाय और बोझ डालती जा रही है। गृहणियों को घर चलाना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि दाल-दलहन एवं अन्य खाद्यान्नों पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने का व्यापारी भी जोरदार विरोध कर रहे हैं। आम लोगों को इसलिए भी नुकसान हैं, क्योंकि घर के लिए 5, 10 किलो पैकिंग में ही आटा खरीदा जाता है। 25 किलोग्राम की पैकिंग पर ही जीएसटी में छूट रहेगी, लेकिन घर के लिए कोई इतना आटा इकट्ठा नहीं खरीदता। 

उन्होंने कहा कि मछली, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर और मुरमुरे पर भी पांच प्रतिशत जीएसटी लगा दिया गया है। टेट्रा पैक और बैंक की तरफ से चेक जारी करने पर 18 प्रतिशत और एटलस समेत नक्शे तथा चार्ट पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। 5,000 रुपये से अधिक किराये वाले अस्पताल के कमरों पर भी जीएसटी देना होगा। इसके अलावा 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। यह घोर अन्याय है। कांग्रेस पार्टी जनहित के मद्देनजर किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles