मंहगाई व बेरोजगारी पर कुछ नहीं बोल रहे मुख्यमंत्री व मंत्री
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल विधानसभा में वीरवार को नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते ही भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ हाहाकार मचा हुआ है। हर वर्ग सडक़ों पर उतरा हुआ है और सरकार के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोष है। जिस तरह से लोग सडक़ों पर आ रहे हैं, उससे साफ है कि सरकार अपना जनमत खो चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सरकार चलाने में विफल रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वे अपने मंत्रिमंडल सहित कुर्सी छोड़ दें। इस दौरान सदन में शोरशराबा भी होता रहा। विपक्ष के सदस्य बीच बीच में सरकार कि खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
नेता प्रति पक्ष ने कहा कि राज्य में कमरतोड़ महंगाई हो गई है और मुख्यमंत्री समेत पूरा मंत्रिमंडल इस पर कुछ नहीं बोल रहा है। आज हालात यह है कि खाने की वस्तु पर भी जीएसटी लगा दिया गया है। यही नहीं प्रदेश का युवा हताश है और सरकार चोर दरवाजे से अपने चहेतों को नौकरी दे रही है।
मुकेश अग्रिहोत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में हर तरह का माफिया सक्रिय है। सरकार ने पिछले चार सालों से शराब के ठेके नीलाम नहीं किए और इससे एक हजार करोड़ रुपए का नुकसान हिमाचल को हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पर सरकारी धन के दुरुपयोग कर रही है। पार्टी की रैलियां तक सरकारी पैसों का खर्च किया जा रहा है। सरकार और करोड़ों रुपए की फिजूलखर्ची की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब यह सरकार जाएगी तो राज्य पर 85 हजार करोड़ रुपए का कर्ज होगा।
इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ टीका-टिप्पणी करने की कोशिश की और इससे भारी शोरगुल हुआ और फिर अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर हिमाचल की संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा और कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में 1574 रेप हुए हैं और 354 हत्याएं हुई हैं। 7406 छेड़छाड़ की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के कार्यकाल में 16 सौ रेप हुए हैं। उन्होंने पुलिस भर्ती मामले को उठाते हुए मुख्यमंत्री से पूछा कि जब पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले को सीबीआई को सौंपा तो, सीबीआई क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को दबाने में लगी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्चा लीक नहीं हुआ, बल्कि यह नीलाम हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला बहुत बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि एक पेपर 6 से 8 लाख रुपए तक बिका है और तीन हजार लोगों को यह बेचा गया। इस प्रकार इसमें अरबों का घोटाला हुआ है और जांच में यह नहीं बताया कि यह पैसा कहां गया। उन्होंने कहा कि दूसरी बार जब पुलिस भर्ती का पेपर हुआ तो छह हजार लोग पेपर देने नहीं आए। सरकार बताए कि वे कौन लोग थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दो सौ लोग गिरफ्तार कर लिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोषी अफसरों पर क्या कार्रवाई की है$ इसके बारे में कोई नहीं बात नहीं की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि क्लर्कों की भर्ती का पेपर लीक गया और विश्वविद्यालय में भी पेपर लीक हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य लोकसेवा आयोग में पिछले 74 भर्ती की और इस बार भी इतनी ही की। बाकी भर्ती चोर दरवाजे से भर्ती की जा रही है और इससे लाखों बेरोजगारों के साथ सरकार ने धोखा किया है।
अग्रिहोत्री ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एडीबी के लोन से तैयार की गई पर्यटन निगम की संपत्तियों को बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव क्यों हटाया, यह बताएं, किसके कहने पर हटाया।
मुकेश अग्रिहोत्री ने आरोप लगाया कि सरकार हिमाचल की जमीनों को बेच रही है और फ्लैट बेचने के विज्ञापन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये जमीनें पहले विश्वविद्यालय खोलने के लिए जमीनें ली थी और अब वहां पर फ्लैट बनाकर बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने रेरा बनाया, वह क्या कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में व्हीकल पंजीकरण स्कैम हुआ है और पूरे देश के वाहन यहां पर पंजीकृत हुआ और इसमें करोड़ों का घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि बीएस-4 के वाहन को बीएस-6 वाहन दर्शा कर यहां पर पंजीकृत किया गया और इसमें घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच क्यों नहीं की गई और धन्नासेठों के वाहन यहां पर पंजीकृत हुए हैं।
अग्रिहोत्री ने कहा कि राज्य में 69 एनएच बनाने की बात कही थी, वे कहां बने हैं। फोर लेन बनाने की बात की थी$ वह नहीं बने। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे बनाने की बात पिछले साढ़े चार साल से हो रही है और इसमें क्या हुआ है, वह भी सामने आ गया है। इसमें अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि मंडी के शिवधाम के टेंडर 16 करोड़ के टेंडर को 38 करोड़ में दे दिया और यह कैसे दिया गया है, इसके बारे में बताया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बाहरी अफसर सेब के बागीचे खरीद रहे हैं और कैसे खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मामले को उठाया और कहा कि सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही।
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदन में पेपर को न लहराएं और जो दस्तावेज हैं, उन्हें पहले सदन में रखा जाए। उन्होंने सदस्यों से शांति से अपनी बात रखने को कहा।

पेपर लीक की सूचना मिलते ही एसआईटी गठित की : जयराम ठाकुर
इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब उन्हें सूचना मिली कि पेपर लीक हुआ तो उन्होंने उसी समय पुलिस को एफआईआर दर्ज करने को कहा। इसके बाद एसआईटी गठित की और पेपर को रद्द किया। उन्होंने कहा कि पेपर रद्द करने के पीछे मंशा यह थी कि कोई शंका न रहे। उन्होंने कहा कि बाद में सीबीआई को रैफर करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने अभी तक न हां की और न ही ना कही है। उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई जांच नहीं करती, तब तक एसआईटी जांच करती रहे और इस मामले में 204 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि 2016 में भी पुलिस भर्ती पेपर लीक हुए, इस पर कोई कार्रवाई तत्कालीन सरकार ने नहीं की। उन्होंने कहा कि 2019 में हुई पुलिस भर्ती के मामले में भी पेपर लीक होने पर कार्रवाई की गई और पेपर रद्द किया गया था।
सदन में गलत आंकड़े पेश कर रहे मुकेश अग्रिहोत्री : राकेश पठानिया
वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए बताया कि प्रदेश में जयराम सरकार हर वर्ग के हितों का ध्यान रख रही है। सरकार ने पांच सालों में बेहतर कार्य किया है। उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री सदन में गलत आंकड़े पेश कर रहे है। समाज में बुरी प्रवृति के लोगा रेप जैसी घटना का अंजाम देते है। कांग्रेस के नेता गुडिय़ा कांडा छोटी घटना बता रहे है। राकेश पठानिया ने कहा कि पिछले ओपीएस को लेकर कांग्रेस के छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ओपीएस के लिए केंद्र की सहायता पर निर्भर रहना पड़ेगा। कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों नेताओं को प्रताडि़त किया था और करीब 12 कर्मचारियों नेताओं को नौकरी से निकाल दिया था। उन्होंने कहा कि महंगाई व बेरोजगार कांग्रेस की देन है। कांग्रेस के कार्यकाल में ठेकों की नीलामी नहीं होती थी।
मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे : जगत सिंह नेगी
कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि प्रदेश का विकास करने में सरकार निक्कमी साबित हुई है। राम राज्य में महंगाई व बेरोजगारी बड़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर का ज्यादा प्रयोग करते है। कांग्रेस सरकार सब कुछ दे गई थी लेकिन भाजपा सरकार इस सब संभाल नहीं पाई है। पांच सालों में कई योजनाओं के नाम बदले गए। जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों का प्रदेश के विकास में अहम योगदान रहा है। लेकिन जयराम ठाकुर प्रदेश का समान विकास करने में असफल रहे है। मुख्यमंत्री को अपने पदसे इस्तीफा दे देना चाहिए।


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