Sunday, April 12, 2026

शिवा प्रोजेक्ट से बदलेगी हिमाचल के बागवानों की तकदीर : देष्टा

वित मंत्रालय ने 1300 करोड़ रुपए के “एचपी शिवा“ प्रोजेक्ट को मंजूरी दी

हिमाचल आजकल

शिमला। शिवा प्रोजेक्ट से अब हिमाचल प्रदेश के बागवानों की तकदीर बदलने वाली है। वित मंत्रालय ने 1300 करोड़ रुपए के एचपी शिवा प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इससे किसानों और बागवानों के चेहरे मुस्कुरा उठे हैं।
यह बात भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री संजीव देष्टा ने शिमला में पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सात जिलों हमीरपुर, कांगड़ा, मण्डी, सोलन, ऊना, सिरमौर और बिलासपुर जिलों के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने 1300 करोड़ रुपए के उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी सिंचाई एवं मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना मंजूरी मिलने से बागवानों में खुशी की लहर है। एशियाई विकास बैंक इस परियोजना के लिए 1036 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, शेष राशि प्रदेश सरकार खर्च करेगी। सात जिलों के 28 विकास खंडों में लगभग 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में यह प्रयोजना लागू की जाएगी।

देष्टा ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से सात जिलों में संतरा, अमरूद, अनार, लीची, जापानी फल, आम आदि फलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह परियोजना 2022-23 से 2027-28 तक चलेगी, इस परियोजना के तहत 15 हजार से अधिक किसान परिवार लाभान्वित होंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत 1 करोड़ फलदार पौधे रोपित किए जाएंगे जिससे की पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आमदनी बढ़ाई जाएगी।

संजीव देष्टा ने कहा कि पायलेट परियोजना के तहत प्रदेश के 4 जिलों हमीरपुर, कांगड़ा, मण्डी, बिलासपुर के 17 कल्सटरों में 200 हेक्टेयर क्षेत्र पर संतरा, अमरूद, लीची, और अनार का उच्च घनत्व पौधारोपण किया गया था, जिसके परिणाम सफल रहे हैं।

उन्होंने इस प्रोजेकट को पोषित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यबाद किया। साथ ही कहा कि डबल इंजन सरकार के संयुक्त प्रयासों से हिमाचल प्रदेश शिखर की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि एचपी शिवा परियोजना का मुख्य उद्देश्य बागवानों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है, ताकि इन क्षेत्रों से युवा आबादी का पलायन शहरों की तरफ ना हो। बागवानी को सुदृढ़ करने के लिए एचपी शिवा प्रोजेक्ट लोगों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। मुख्य परियोजना के प्रथम चरण में 975 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना के पहले चरण में सात जिलों में हजारों हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधों को उगाया जाएगा 15000 किसान लाभांवित होंगे और हिमाचल की आर्थिकी सुदृढ़ होगे , जिससे भाजपा की डबल इंजन सरकार को किसानों का समर्थन निश्चित है ।

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