सरकारी गोदामों में खाद न मिलने से बागवान परेशान
हिमाचल आजकल
शिमला, हिम्फेड़ के डिपुओं में खाद उपलब्ध नहीं हैं और प्रदेश सरकार बागवानों-किसानों को राहत देने की बजाय चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं। यह बात जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने प्रेस को ज़ारी एक ब्यान में कही। रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही हैं। कृषि-बाग़वानी में उपयोग होने वाली आवश्यक खादों के दामों में बेहताशा वृद्धि के बावजूद भी सरकारी डिपुओं में खाद उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हिम्फेड़ के गोदामों में NPK 12-32-16, 15-15-15, सुपर, पोटाश का टोटा हैं। NPK 15-15-15 प्रति बैग खाद में केंद्र सरकार ने 21 फ़ीसदी से 32 फ़ीसदी की वृद्धि कर दी हैं जबकि पोटाश के दाम तो दोगुने हो चुके हैं । रोहित ठाकुर ने कहा कि कृषि-बाग़वानी क्षेत्र में उपयोग होने वाली आवश्यक कीटनाशक- फफूंदनाशक दवाइयों में अनुदान ख़त्म करने के निर्णय से विशेषकर लघु एवम् सीमांत बाग़वानों को आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ रहा है। रोहित ठाकुर ने कहा कि फ़सल तुड़ान के बाद सेब के पौधों में खाद की आवश्यकता होती हैं लेक़िन सरकारी डिपुओं में खाद उपलब्ध न होने से बाग़वानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा हैं। रोहित ठाकुर ने कहा कि सेब पैकिंग सामग्री में पिछले वर्ष के मुकाबले 35 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई हैं जिससे इस बार सेब पर लागत कई गुणा बढ़ी हैं और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में जीएसटी 5 से 18 प्रतिशत किया गया। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि, बेमौसमी बर्फ़बारी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बाग़वानों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा जिसकी भरपाई के लिए सरकार ने आज तक फूटी कौड़ी नही दी। रोहित ठाकुर ने प्रदेश सरकार से हिम्फेड़ के डिपुओं में किसानों- बाग़वानों की आवश्यतानुसार खाद उपलब्ध करवानें की मांग की हैं।


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