मुख्यमंत्री ने कहा-हिमाचल ने निवेश आकर्षित करने में देश के कई बड़े राज्यों को राह दिखाई
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शिमला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को ऊना में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी और 128 करोड़ रुपये के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) का उद्घाटन किया।
इससे पहले उन्होंने ऊना रेलवे स्टेशन से अंब अंदौरा-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बों का निरीक्षण किया और विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने इंजन के कंट्रोल सेंटर और ऊना रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री के साथ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे। देश की इस चौथी वंदे भारत एक्सप्रेस से हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने मिलेगा तथा लोगों का सफर आरामदायक और तेज होगा। इससे ऊना से नई दिल्ली के लिए यात्रा का समय दो घंटे कम हो जाएगा।
इसके बाद ऊना के इंदिरा गांधी स्टेडियम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निवेश एवं औद्योगिकीकरण की दिशा में हिमाचल के लिए आज बहुत बड़ा दिन है। उन्होंने कहा कि ऊना की उनकी इस यात्रा का मुख्य ध्येय कनेक्टिविटी और शिक्षा पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि देश के दूसरे बल्क ड्रग पार्क का ऊना में शिलान्यास हो रहा है। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं के उदघाटन और शिलान्यास हो रहे हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश के विकास को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश के तीन राज्यों में बन रहे बल्क ड्रग पार्कों में हिमाचल का चयन करना, केंद्र सरकार का एक महत्वपूर्ण निर्णय है। यह निर्णय केंद्र सरकार के हिमाचल के प्रति स्नेह और समर्पण का परिणाम है। इसी तरह वंदे भारत एक्सप्रेस को हिमाचल प्रदेश में लाने का निर्णय भी केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी जाने वाली प्राथमिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों की पिछली पीढ़ियों ने शायद ट्रेन भी नहीं देखी थी और आज हिमाचल को देश की सबसे उन्नत ट्रेनों में से एक ट्रेन मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार हिमाचल के विकास और जनकल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और केंद्र की पिछली सरकारों ने प्रदेश के नागरिकों की जरुरतों और आकांक्षाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस कारण प्रदेशवासियों और विशेषकर, माताओं-बहनों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय बदल गया है और वर्तमान सरकार न केवल लोगों की जरुरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है, बल्कि उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अत्यधिक समर्पण और तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम न केवल पिछली सरकारों द्वारा पैदा की गई विकास की खाई को भर रहे हैं, बल्कि हिमाचल के विकास के लिए मजबूत नींव भी रख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली शताब्दी की शुरुआत में विश्व के कई देशों और यहां तक कि गुजरात जैसे कुछ राज्यों ने अपने नागरिकों को शौचालय, ग्रामीण सड़कों और आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में कामयाबी हासिल की थी। लेकिन, भारत में पहली की सरकारों ने आम लोगों के लिए इन बुनियादी सुविधाओं की पहुंच को भी मुश्किल बना दिया था। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी इलाके इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल में लंबे समय तक रहते हुए उन्होंने इन मुश्किलों को करीब से महसूस किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत अतीत की चुनौतियों पर काबू पा रहा है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो सुविधाएं पिछली सदी में लोगों तक पहुंच जानी चाहिए थीं, वे अब उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हम 20वीं सदी की सुविधाएं प्राप्त करेंगे और हिमाचल प्रदेश को 21वीं सदी की आधुनिक सुविधाओं से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों का निर्माण दोगुनी गति से किया जा रहा है और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को ग्राम पंचायतों तक ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है।
प्रधानमंत्री ने वादों को समय से पहले पूरा करने की नई कार्यशैली को रेखांकित करते हुए कहा कि पहले हिमाचल को उसकी कम संसदीय सीटों की संख्या के कारण अधिक महत्व नहीं दिया जाता था, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने इस परिस्थिति को बदला और शैक्षणिक संस्थानों सहित राज्य की कई लंबित मांगों को तुरंत पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आईआईटी, आईआईआईटी आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पाने के लिए डबल इंजन सरकार का इंतजार करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र से संबंधित पहल से छात्रों को अत्यधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि ऊना में आईआईआईटी के स्थायी भवन से छात्रों को और राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आईआईआईटी भवन की आधारशिला उन्होंने ही रखी थी और इसका उदघाटन भी वह कर रहे हैं जोकि सरकार की बदली हुई कार्य संस्कृति का द्योतक है। उन्होंने महामारी की चुनौती के बावजूद परियोजना को समय पर पूरा करने की सराहना की।
देश भर में कौशल और नवाचार संस्थानों की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं के कौशल और क्षमता को निखारना आज हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सेना में सेवाएं और देश की सुरक्षा में नए आयाम गढ़ने के लिए हिमाचल के युवाओं की सराहना करते हुए अब विभिन्न प्रकार के कौशल प्रदेश के युवाओं को सेना में भी उच्च पदों पर ले जाने में मदद करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री को हिमाचली टोपी, शॉल, देवरथ, माता चिंतपूर्णी की चुनरी एवं चित्र भी भेंट किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखने, आई.आई.आई.टी. ऊना को समर्पित करने और ‘वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन’ को हरी झंडी दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांवों में 1405 एकड़ क्षेत्र में 1923 करोड़ रुपये की बल्क ड्रग फार्मा पार्क मेगा परियोजना स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें से लगभग 1100 करोड़ रुपये का अनुदान केंद्र सरकार द्वारा तथा शेष राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पार्क 50,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के साथ राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर सृजित करेगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क से संबंधित सहायक उद्यमों की स्थापना से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और ए.पी.आई. की आपूर्ति के लिए भारत की चीन पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान में हिमाचल एक मजबूत भूमिका निभा सकेगा।


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