Sunday, April 12, 2026

एसजेवीएन ने मेक इन ओडिशा कन्क्लेव 2022 के दौरान 3000 मेगावाट जलविद्युत व सौर विद्युत परियोजनाओं के लिए एमओयू हस्तादक्षरित किया

हिमाचल आजकल

शिमला। एसजेवीएन के  अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक  नंद लाल शर्मा ने कहा कि कि भुवनेश्वर में एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ  कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) और ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ ओडिशा (जीआरआईडीसीआ) के मध्यट समझौता ज्ञापन  हस्ताक्षरित किया गया। संयुक्त उद्यम कंपनी को शामिल करके आेडिशा में 1000 मेगावाट जलविद्युत परियोजना और 2000 मेगावाट सौर विद्युत परियोजना के विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक,  विद्युत मंत्री प्रताप केसरी देव और एसजेवीएन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक  नंद लाल शर्मा की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस एेतिहासिक अवसर पर  एके सिंह, निदेशक (वित्त), एसएल शर्मा, सीईआे (एसजीईएल) सहित राज्य सरकार, एसजेवीएन और एसजीईएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे ।

नंद लाल शर्मा ने कहा कि 1000 मेगावाट जल विद्युत परियोजना और 2000 मेगावाट सौर विद्युत परियोजना के विकास से आेडिशा में 20,000 करोड़ रुपए का निवेश लक्षित होगा। 2000 मेगावाट सौर विद्युत परियोजना से प्रथम वर्ष में 4207 मिलियन यूनिट और 25 वर्षों की अवधि में लगभग 96797 मिलियन यूनिट का संचयी उत्पादन होने की संभावना है। इस परियोजना की कमीशनिंग से प्रथम वर्ष के लिए 206143 टन और पूरे जीवन काल के लिए 4743053 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

उन्होंने  कहा कि यह समझौता ज्ञापन हरित ऊर्जा पैदा करने, नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर, स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी, राज्य के सततशील और समग्र विकास के लिए एसजीईएल और जीआरआईडीसीआे के मध्यी संयुक्त उद्यम के गठन का मार्ग प्रशस्त करेगा। इससे हरित उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी और ओडिशा के नवीकरणीय खरीद दायित्व लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी।

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