बिजली बोर्ड के दफ्तर बंद होने पर कोर्ट जाएंगे
हिमाचल आजकल
शिमला, भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा की हिमाचल की सुक्खू सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के अनेकों दफ्तरो जिसमे लग भाग 10 इलेक्ट्रिकल डिवीजन, 6 ऑपरेशन सर्किल और 17 सब डिवीजनो को डिनोटिफाई किया गया है, इसका भाजपा कड़ा विरोध करती है। एक-एक करके सभी संस्थानों को बंद किए जाने के राज्य सरकार के फैसले पूर्ण रूप से सरकार का तानाशाही व्यवहार दिखता है।
जयराम ने कहा की यह सभी डिवीजन और सब डिवीजन उचित रूप से खोली गई थी जिसमे बोर्ड को बैठक और स्वीकृति एवं सरकार की सभी परमिशने ली गई थी।
सुक्खू सरकार का यह रिवैया बेहद दुखदायी है।
इन सभी निर्णयों का भाजपा विरोध करती है और करेगी, इसके खिलाफ हम कोर्ट भी जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार बदले की भावना से काम कर रही है और हमारी सरकार द्वारा जितने भी जनहित के निर्णय लिए थे उस पर राजनीति कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बदला बदली की भावना से राजनीति कर रहे हैं और एक के बाद एक पूर्व जितने भी निर्णय जयराम सरकार ने जनहित के लिए थे उसको पलटने का काम कर रही है।
यह सरकार केवल निर्णय पलटने आई है।
भाजपा इस प्रकार के निर्णय की घोर निंदा करती है।
सुक्खू सरकार ने धर्मपुर स्थित शिवा प्रोजेक्ट का पहला कार्यालय भी बंद कर दिया और उस कार्यालय के तमाम कर्मचारियों को शिमला बुला लिया , इसी के साथ एक्सीलेंस केंद्र को भी बंद करने का कार्य किया। यह साफ दर्शाता है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को जनहित की कोई टेंशन नहीं है उनको केवल भाजपा के अच्छे कार्यों को पलटने की टेंशन है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में कभी एसा नहीं देखा गया कि व क्षेत्र किस पार्टी का शाशित क्षेत्र है अपितु केवल समग्र हिमाचल प्रदेश के विकास के उद्देश्य ही भाजपा का फोकस रहा। आज कांग्रेस पार्टी के नेताओं के इस व्यवहार को देख जनता में भी आलोचना की चर्चाएं हैं जोक


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