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शिमला। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थाान के जयपुर में एसजेवीएन की 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना की आधारशिला रखी। इस एेतिहासिक अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह परियोजना एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थर कंपनी एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) के माध्यम से निष्पाूदित की जा रही है।
एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने अवगत कराया कि यह परियोजना राजस्थान के बीकानेर जिले के बांदेरवाला गांव के समीप 5000 एकड़ एकमुश्त खरीदी गई भूमि पर विकसित की जा रही है, जो देश के सर्वाधिक सूर्य उपलब्धवता क्षेत्रों में से एक है। परियोजना की निष्पारदन लागत 5492 करोड़ रुपए है और इस परियोजना के लिए 44. 72 लाख रुपए प्रति मेगावाट की वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता इरेडा द्वारा प्रदान की जा रही है। परियोजना की कमीशनिंग मार्च 2024 तक प्रस्ताहवित है। इस परियोजना की कमीशनिंग के पश्चा्त प्रथम वर्ष में 2454.55 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन होगा और 25 वर्षों की अवधि में लगभग 56838 मि$यू संचयी विद्युत उत्पा्दन होगा। अधिकतम उपयोग शुल्क 2.57 रुपए प्रति यूनिट तय किया गया है, जिससे उपभोक्ताआें को किफायती विद्युत प्रदान करने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने ने बताया कि यह बहुत ही सम्मान की बात है कि एसजेवीएन की सबसे बड़ी सौर परियोजना की आधारशिला भारत के माननीय राष्ट्रपति द्वारा रखी गई और इस परियोजना की कमीशनिंग से भारत सरकार के वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। घरेलू स्तर पर निर्मित सौर फोटोवोल्टिक सेल और मड्यूल का उपयोग मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देगा। ग्रिड में मूल्यवान नवीकरणीय ऊर्जा जोडऩे के अलावा, परियोजना से उत्सार्जन में 27,85,077 टन कार्बन की भी कमी आएगी।


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