बागवानों ने सरकार को कार्टन पर जीएसटी कम करने का भी दिया सुझाव
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल के बागवान अब फल मंडियों में किलो के हिसाब से सेब को बेचने की वकालत करने लगे है। इसके अलावा बागवान विभिन्न क्षेत्रों में छोटे छोटे सीए स्टोर बनाने के पक्ष में है। मंगलावार को शिमला में बागवान संगठनों की सिचव स्तर की बैठक आयोजित की गई। बैठक मे प्रदेशभर के बागवानों ने अपने सुझाव दिए। इसके बाद जल्द ही बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ एक अहम बैठक होगी। बागवानी विभाग के पास अब तक प्रदेशभर से सेब से संबंधित समस्या को लेकर 438 सुझाव पहुंचे है।
सूबे के बागवानों फल मंडियों में आढ़तियों व खरीददारों की मिलीभगत से बचने के लिए सरकार से गुहार लगा रहे है। बागवानों का मनाना है कि फल मंडियों में छोटे बागवानों से लुट की जाती है। छोटे बागवानों को उनके उत्पाद का उचित दाम नहं दिया जाता है। इस पूरे मामले को लेकर मंगलवार को शिमला में बागवानी निदेशालय में बागवान संगठनों की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में करीब 31 फल उत्पादक संगठनों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता बागवानी विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने की। इस दौरान बागवानों ने मंडियों में किलो के हिसाब से सेब बेचने की मामला उठाया। बागवानों का कहा है कि मंडियों में एपीएमसी एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। कुल्लू जिला की तर्ज शिमला, सोलन व परवाणु की फल मंडियों में भी किलो के हिसाब से सेब की बिक्री की जाए। इसके अलावा कार्टन व अन्य सेब संबंधी सामग्री पर कम से कम जीएसटी वसूला जाए। बागवानी बाहुल क्षेत्रों में छोटे छोटे सीए स्टोर खोलने का भी बागवानों ने सुझाव दिया है।
बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक देसराज शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर के फल उत्पादक संगठनों ने बैठक में अपनी अपनी राय रखी। कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। उनका कहना है कि बागावनों ने किलो के हिसाब से सेब के दाम तय करने की भी सुझाव दिया है। बागवानों के सुझावों की रिपोर्ट तैयार करके बागवानी मंत्री को सौंपी जाएगी।
मंडियों में किलो के हिसाब से सेब बेचने पर अड़े बागवान
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