कुछ लोग बागवानी संगठनों के नाम पर चला रहे दुकानदारी : जगत सिंह नगी
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल सरकार ने सेब बागवानों को बड़ी राहत देने देनी कवायद शुरू कर दी है। हिमाचल में करीब 5 हजार करोड़ के सेब उद्योग को बचाने की लिए सरकार कई बड़े फैसले लेने जा रही है। सरकार फल मंडियों में बागवानों से हो रही लुट पर नकेल कसने जा रही है। सरकार इस सेब सीजन के दौरान एपीएमसी एक्ट को सख्ती से लागू करने जा रही है। इसके अलावा फल सरकार मंडियों में सेब को प्रति किलो के हिसाब से बेचने का भी बड़ा फैसला लेने की तैयार की रही है। इसको लेकर जल्द ही मंत्री स्तर के एक बैठक होने जा रही है।
प्रदेश सरकर ने सेब उत्पादों की पिछले लंबे समय से आ रही मांग को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में सरकार ने बागवानों को फल मंडियों में बिचौलियों से निजात दिलाने के लिए कसरत शुरू कर दी है। प्रदेश की फल मंडियों में आढतियों व खरीददारों द्वारा बागवानों पर सेब की बजनदार पेटियों को लाने के दवाब बनाया जाता है। इससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदेश के छोटे फल उत्पाद सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन या फिर मंडियों में सेब को प्रति किलो के हिसाब से बेचने की पक्ष में है। इसके बाद प्रदेश सरकार ने बागवान संगठनों के साथ सचिव स्तर की बैठक आयोजित की। अब मार्च के पहले हफ्ते में मंत्री स्तर की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बागवानों के हितों को लेकर कई अहम फैसले लिए जाने हैॅ। बागवानी विभाग के अधिकारी अब बड़े फैसले की खाका तैयार करने में जुट गए है।

प्रदेश बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का कहना है कि सरकार इस सेब सीजन के दौरान ही बागवानों को बड़ी राहत देने जा रही है। मंडियों में सेब बेचने को लेकर एक खाका तैयार किया जा रहा है। इसको लेकर बागवानों व आढ़तियां से भी राय मांगी जाएगी। उनका कहना है कि सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन शुरू करने की विकल्प भी है। इसके अलावा मंडियों में सेब प्रति किलो बेचा जाए इस पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि कुछ लोग बागवानों को गुमराह कर रहे है। ये लोग बागवानी के नाम पर दुकानदारी चला रहे है। जल्द ही बैठक में बागवानों को लेकर कई बड़े निर्णय लिए जएंगे।


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