Sunday, April 12, 2026

मुख्यमंत्री ने 45.68 करोड़ से निर्मित होने वाले पीईटी ब्लॉक की आधारशिला रखी


हिमाचल आजकल
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आईजीएमसी) में 45.68 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले पहले पीईटी ब्लॉक की आधारशिला रखी। इसमें 21 करोड़ रुपए की पोजीट्रान एमिशन टोमोग्राफी (पीईटी) सीटी मशीन, 9 करोड़ रुपये स्पैक्ट सीटी मशीन के लिए तथा 15.68 करोड़ रुपए की राशि निर्माण कार्यों के लिए शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मरीजों को पीईटी स्कैन के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में मरीजों को विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्घ है। पीईटी की सुविधा प्रदेश में प्राप्त होने से लोगों के पैसे और समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि एक बार पीईटी ब्लक का कार्य पूरा हो जाने के बाद यह कार्डियोलजी, मनोचिकित्सा, यूरोलजी और अन्य विभागों के अलावा र्केसर का पता लगाने, प्रतिक्रिया और फलो-अप की सुविधा प्रदान में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि पीईटी ब्लक तीन मंजिला इमारत होगी, जिसमें मरीजों, डक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आधुनिक सुविधाआें के अलावा लगभग 50 वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।


.ख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक वर्ष के भीतर सभी मेडिकल कलेजों में पीईटी स्कैन सुविधाएं स्थापित करना है। हमीरपुर मेडिकल कलेज में सेंटर अफ एक्सीलेंस फर र्केसर केयर के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में र्केसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है और र्केसर के कारणों के अध्ययन के लिए बजट में पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और सरकारी अस्पतालों में रेफरल सिस्टम को समाप्त कर विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिसमें सभी मेडिकल कलेजों में आपातकालीन चिकित्सा विभाग की स्थापना भी शामिल है, ताकि लोगों को शीघ्र इलाज कराने में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस विभाग के आईसीयू में प्रति बेड एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी। कैजुअल्टी वार्ड में तीन बेड पर एक स्टाफ नर्स तैनात की जाएगी और प्रत्येक 10 बेड पर एक डक्टर तैनात किया जाएगा। उनकी ड्यूटी आठ घंटे तक सीमित होगी। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में ट्रमा सेंटर के साथ 175 बिस्तर क्षमता की आपातकालीन चिकित्सा सुविधा स्थापित करने के लिए 11 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक तकनीकों के साथ सामंजस्य बिठाने और डक्टरों को सेवा की भावना से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने के लिए निवेश कर रही है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में आईजीएमसी शिमला और इसके पूर्व छात्रों की उत्ष्ट उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।

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