आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं खत्म करने पर चर्चा मांग रहा था विपक्ष
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल विधानसभा में आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं खत्म करने पर खूब हंगामा हुआ। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुय होते ही विपक्षी सदस्य अपनी अपनी सीट पर खड़े होकर नियम- 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा करने की मांग करने लगे है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को जो नियम – 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव दिया है उस पर चर्चा की जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठाानिया ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को लेकर सदन में प्रधनकाल के दौरान कई प्रश्न पूछे गए है। सरकार की ओर इसको जवाब भी दिया गया है। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। इस पर विपक्षी सदस्यों ने सदन में सराकर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। शोरशराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया।
विधानसभा में मंगलवार को विभिन्न विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने पर हंगामा हुआ। इस दौरान एदन में महौल गरमा गया। इस मुद्दे पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। काफी देर तक विपक्षी सदस्य वेल में नारेबाजी करत रहे। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
आउटसोर्स कर्मचारियों के बारे में सरकार नीतिगत फैसला लेगी : मुकेश अग्रिहोत्री

मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री नें कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के बारे प्रदेश सरकार नीतिगत फैसला लेगी। आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर कैबिनेट की सब कमेटी की अभी सिफारिशें आनी है। सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों को निकालने के कोई निर्देश जारी नहीं किए है। उनका कहना है कि एक संस्था ने पांच साल तक हिमाचल में तांडव मचाकर रखा था। पिछली सरकार इस संस्था शिमला क्लीन वेज संस्था को 40 करोड़ रुपए दिए थे। इस संस्था ने जो गड़बड़ी की है उसकी जांच की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों का किसी का पीएफ काटा, किसी का नहीं। विपक्ष को आउटसोर्स के बारे में नियम- 67 विपक्ष तब याद आया, जब सत्र के केवल तीन दिन बचे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आउटसोर्स कर्मचारियों का इसी बजट में मानदेय 750 रुपए की है।
विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को दी चेतावनी
आउटसोर्स कर्मचारियों मामले पर विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंचे। उस वक्त नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की आेर पीठ करके बैठे थे। विपक्ष के सदन से बाहर जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण विधानसभा नियम का उल्लंघन है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को भविष्य में इस तरह का आचरण नहीं करने की चेतावनी जारी की। नेता प्रतिपक्ष बार-बार आग्रह करने पर भी कुर्सी की आेर नहीं मुड़े और सदन में पीठ दिखाई।
कांग्रेस सरकार ने शुरू की आउटसोर्स कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया : जसराम ठाकुर
बाद में विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पत्राकरों से कहा कि कांग्र्रेस सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले को विपक्ष ने सदन में चर्चा की मांगी थी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार कोई नीति नहीं बन रही है। जबकि पिछली भाजपा सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाने का फैसला किया था। इसके लिा बाकायदा एक कमेटी का गठन भी किया गया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जल शक्ति विभाग और स्ववास्थ्य विभाग के अलावा अन्य कई सरकारी विभागों में हजारों की संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों लगे है। लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाना शुरू कर दिया है।


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