Thursday, February 26, 2026

मातृ-शिशु स्वास्थ्य के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए चलाया जाएगा अभियान: जयराम ठाकुर

हिमाचल आजकल

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य एक स्वस्थ समाज और समृद्ध  हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण है और इस बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश में एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। वह मगलवार को प्रदेश सरकार और नीति आयोग द्वारा पोषण और सहकारी संघवाद विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने  कहा कि पोषण को एक जन आंदोलन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर और अधिक जागरूकता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पोषण जागरूकता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है और अब 18,925 आंगनबाड़ी और 5,99,643 लाभार्थियों को पोषण ट्रैक्कर पर पंजीकृत किया जा रहा  हैं। उन्होंने कहा कि अति कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के प्रबंधन के लिए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने  कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को सबसे पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए तसंकल्प है।  हिमाचल का प्रत्येक क्षेत्र प्रातिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है, लेकिन बेहतर सम्पर्क सुविधा यहां सबसे प्रमुख चुनौती है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और उन्नयन के लिए 400 करोड़ रूपए, मंडी जिला में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रूपये और ज्वालामुखी मंदिर के लिए पेयजल और मल निकासी योजना के सुधारीकरण के लिए 20 करोड़ रूपए की अनुशंसा की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक राजस्व घाटे वाला राज्य है और विभिन्न आधारभूत संरचना  परियोजनाओं में निवेश के लिए राज्य के पास सीमित साधन हंै।  ऐसे में इन परियोजनाआें को धरातल पर उतारने के लिए उदार सहायता की आवश्यकता है।

 राज्य में रेल सम्पर्क बढ़ाने पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें भू-अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस विषय पर राज्य को क्षतिपूर्ति प्रदान करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इससे हिमाचल में रेल नेटवर्क को सु²ढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सत्त यातायात व्यवस्था को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी तैयार की है ताकि हिमाचल प्रदेश को विद्युत गतिशीलता विकास और इलैक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में वैश्विक केन्द्र बनाया जा सके और विद्युत चालित वाहनों के लिए सार्वजनिक एवं निजी चार्जिंग आधारभूत संरचना तैयार की जा सके। इसके लिए विद्युत चालित वाहन निर्माता उद्योगों को अनुदान और प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवा क्षेत्र में व्यय कर रही है। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं फल प्रसंस्करण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसानों और बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

  जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत के संघात्मक ढांचे में केन्द्र एवं राज्यों के मध्य बेहतर सहयोग के लिए नीति आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बाह्य सहायता के लिए केन्द्र को प्रेषित प्रस्तावों को बहुत कम समय में सकारात्मक ²ष्टिकोण के साथ स्वीति प्रदान करने के लिए केन्द्र एवं नीति आयोग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक छोटा राज्य होने और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल ने अपनी लक्षित पात्र जनसंख्या को कोविड-19 टीकाकरण का शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश मातृ एवं शिशु को बेहतर पोषण प्रदान करने का लक्ष्य प्राप्त कर देश में अग्रणी बनकर उभरा है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने हिमाचल प्रदेश में आकांक्षात्मक पोषण परिणाम प्राप्त करना विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने लक्षित पात्र आयु वर्ग के शत-प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से गर्भवती महिलाआें के लिए आयरन फोलिक एसिड को दोगुना करने से प्रदेश में बेहतर एनीमिक परि²श्य सामने आया है।

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