नगर निगम पर काबिज होने के लिए कांग्रेस व भाजपा की राह नहीं आसान
हिमाचल आजकल
शिमला। नगर निगम शिमला के चुनाव में इस बार कांग्रेस व भाजपा के बीच मुकाबला रोचक होने की आसार नजर आने लगे है। दोनों राजनीतिक दलों ने नगर निगम चुनाव में दमदार उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतार रही है। लंबी मथापच्ची के बाद भाजपा व कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार फाइनल किए है। वहीं शिमला शहर में पिछले कुछ सालों से माकपा का ग्राफ काफी गिरा है।

नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए बिसात बिछनी शुरू हो गई है। वीरवार को नामांकन पत्र भरने की प्रकिया भी शुरू हो गई है। नामांकन भरने के साथ ही शिमला में चुुनावी महौल गरमाने लग जाएगा। इस बार शिमला नगर निगम के चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस व भाजपा के बीच होगा। भाजपा व कांग्रेस ने चुनावी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। उम्मीदवारों के चयन नफा नुकसान को देखते किया जा रहा है। नगर निगम शिमला पर काबिज होने की दोनों राजनीतिक दलों की राह आसान नहीं है। कई वार्डों में कांग्रेस व भाजपा में सीधी टक्कर होने की संभावना बनी हुई है। जबकि शिमला शहर में पिछले कुछ सालों से माकपा के प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। इस बार विधानसभा चुनाव में माकपा को शिमला शहर में करारी हार का सामना करना पड़ था। लिहाजा नगर निगम के चुनाव में भाजपा व कांग्र्रेस के बीच मुकाबला रोचक होगा।

उधर, नामांकन भरने के प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिमला के वार्डों में चुनावी जनसभाओं का दौर शुरू हो जाएगा। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व मुकेश अगिनहोत्री चुनाव प्रचार में उतरेंगे। जबकि भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री जयराम चुना व प्रचार की बागडोर संभालेंगे। उनके अलावा भाजपा के कदवर नेता भी चुनाव जनसभाएं करेंगे। शिमला जिला कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा के सामने कांग्रेस के दुर्ग को भेद पाने की चुनौती होगी ।


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