Saturday, August 1, 2026

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शीघ्र ही एक नई योजना शुरू करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय सिपुर मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की      

हिमाचल आजकल

शिमला, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मशोबरा में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय सिपुर मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं से भली-भांति परिचित है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शीघ्र ही एक नई योजना शुरू करेगी। उन्हांेने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादकों से दस लीटर गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर प्रतिदिन खरीदने का वायदा किया था और सरकार इस योजना को धरातल पर उतराने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 1.36 लाख एनपीएस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रदान कर कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र की पहली गांरटी को अपनी पहली ही मंत्रिमंडल बैठक में पूरा किया। इसके साथ ही इन्दिरा गांधी महिला सम्मान निधि के तहत प्रथम चरण मंे प्रदेश की 2.31 लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह प्रदान करने का निर्णय लेकर अपनी दूसरी गारंटी भी पूरी की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को पूर्व की भाजपा सरकार से कमजोर अर्थव्यवस्था विरासत में मिली है और आज प्रत्येक प्रदेशवासी पर लगभग 93 हजार रुपये का ऋण है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से कार्य करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही है और आगामी दस वर्षों मंे हिमाचल देश के सबसे समृद्ध राज्य मंे शुमार होगा। उन्हांेने प्रदेशवासियों से इस लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग का आह्वान भी किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद प्रदेश में विकास कार्यों मंे कमी नहीं आने दी जाएगी और प्रदेश सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि गरीब परिवारों से संबंधित बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाने के लिए शीघ्र ही एक नई योजना शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत निराश्रित एवं अनाथ बच्चों को राज्य सरकार ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है। इस योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाने सहित वर्ष में एक बार भ्रमण पर ले जाने, चार हजार रुपये जेब खर्च एवं गृह निर्माण के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कारावास मंे बंदियों को हिमकेयर योजना के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है और इसके प्रीमियम की किस्त भी सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

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