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शिमला। सूबे में सेब के घटिया पौधे बेचने वालों को अब खैर नहीं। प्रदेश बागवानी विभाग ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कारवाई करने का मन बनाया है। सेब के पौधे व नर्सरी बेचने के लिए बागवानी विभाग ने 602 बागवानों को पंजीकरण किया है। पिछले लंबे समय से प्रदेश के क्षेत्रों में लेागों को सेब के घटिया पौधे बेचने के मामले सामने आ रहे है। प्रदेश में फरवरी मार्च में सेब के पौधों की रोपाई की जाती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवानों का अभी रॉयल वैरायटी के सेब के प्रति अधिक रूझान है। लेकिन जिला शिमला के अलावा मंडी और कुल्लू में सडक़ पर कई लोग सेब के घटिया पौधे बेच रहे है। इसकी आड़ में कुछ लोग बागवानों से मोटी कमाई कर रहे है। प्रदेश बागवानी विभाग के अधिकारी इस बार सेब के पौधो को निरीक्षण करेंगे। बागवानी विभाग ने अब कई छापे मारने की तैयारी कर दी है। इसके लिए फील्ड स्टॉफ को निर्देश जारी किए गए है। राज्य में हर साल बागवान द्वारा सेब के हजारों पौधे रोपे जाते है। इसके अलावा बागवानी विभाग भी अपने फार्म हाऊस में तैयार किए गए पौधो को बागवानों को उपलब्ध करवाता है। इसका वितरण जनवरी से लेकर मार्च महीने तक किया जाता है।
उधर, बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक डा.गोविंद जोबटा का कहना है कि बगैर लाइसेंस की सेब के पौधे बेचने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। कई जगहों पर सेब के पौधो को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग ने सेब के पौधो को बेचने के लिए लाइसेंस जारी किए गए है। लोग पंजीकृत बागवानों से ही सेब की नर्सरी की खरीद करें। जनवरी से लेकर मार्चतक सेब के घटिया पौधे बेचने वालों पर नजर रखी जाएगी। लाइसेंस न होने की स्थिति में सेब के पौधे नष्ट किया जाएंगे।


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