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शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जाकर दिया। उन्होंने विभाग को विशेष रूप से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की सुविधा के ²ष्टिगत नई सडक़ परियोजनाआें में सुरंगों के निर्माण को प्राथमिकता प्रदान करने के निर्देश दिए। इससे यात्रियों के समय और धन की बचत भी होगी। उन्होंने राज्य में रोपवे के निर्माण पर भी जोर दिया।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-3 की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के लिए 422 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की 45 सडक़ों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) स्वीत की जा चुकी है। इनमें से 44 सडक़ों के टेंडर पहले ही दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में 2662 करोड़ रुपये की लागत की 256 और सडक़ों की डीपीआर स्वीति के लिए केंद्र सरकार को भेजी गई है। उन्होंने कहा कि इनमें से 644 किलोमीटर सडक़ें एफडीआर तकनीक से निर्मित की जाएंगी और 499 किलोमीटर सडक़ें सीमेंट सब-बेस तकनीक से निर्मित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में 14 पुलों का निर्माण भी केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए लंबित है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-1 के तहत लंबित 173 सडक़ परियोजनाआें और दूसरे चरण में 17 सडक़ परियोजनाआें को इसी वर्ष पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सडक़ रखरखाव योजना के लिए इस वर्ष 40 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सडक़ अधोसंरचना कोष (सीआरआईएफ) के तहत 248 करोड़ रुपये लागत की चार सडक़ों की डीपीआर केंद्र सरकार को स्वीति के लिए भेजी जा चुकी हैं, जबकि पांच अतिरिक्त सडक़ों की डीपीआर का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में वर्तमान सरकार के गठन के उपरांत अब तक राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तहत 336 करोड़ रुपये की लागत की 62 सडक़ों को स्वीति प्रदान की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिमला शहर के सर्कुलर रोड पर भीड़भाड़ कम करने के लिए 97 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है जिससे स्थानीय जनता और पर्यटकों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी।
बैठक के दौरान लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सभी विभागीय कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया और पिछले लगभग छह महीनों के दौरान विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, प्रधान सचिव आेंकार शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सलाहकार (बुनियादी ढांचा) अनिल कपिल, योजना सलाहकार ड$ बसु सूद सहित लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी यहां बैठक में उपस्थित थे तथा उपायुक्त एवं लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े थे।
6 माह में नाबार्ड से 336 करोड़ की 62 सडक़ें स्वीकृत: मुख्यमंत्री
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