6 महीने में हिमाचल आने वाले पर्यटकों की संख्या 1 करोड़ से पार
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल प्रदेश ने दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती के चलते एक बार दोबारा हिमाचल देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है। वर्ष, 2023 में मीलपत्थर स्थापित करते हुए हिमाचल ने छह माह के भीतर राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या में खासी वृद्घि दर्ज कर एक करोड़ का आंकड़ा पार किया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि का श्रेय पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के राज्य सरकार के अथक प्रयासों को दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार शुरू से ही प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे पर्यटकों की संख्या में आशातीत वृद्घि हुई है। जून, 2023 तक राज्य में आगंतुकों की कुल संख्या एक करोड़ छह हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है, जिनमें 99,78,504 देशी और 28,239 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में हर मौसम पर्यटन के लिए अनुकूल होने से वर्षभर पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश ने पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। दुनियाभर के यात्री यहां की मनमोहक वादियों का आनन्द लेने लाखों की संख्या में हर वर्ष यहां आते हैं। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के आंकड़ेे और इसमें लगातार दर्ज की जा रही वृद्घि पर्यटन संबंधी अधोसंरचना के विकास में सरकार के अथक प्रयासों को भी बयां करती है। वर्ष 2018 में करीब 87 लाख देशी और 2 लाख विदेशी पर्यटक हिमाचल आए, वहीं वर्ष 2019 में 88$ 57 लाख देशी और करीब 2 लाख विदेशी पर्यटक यहां पहुंचे। वर्ष 2020 में 21$ 63 लाख देशी और 41,803 विदेशी पर्यटक यहां आए, वर्ष 2021 में 19$ 73 लाख देशी और 2843 विदेशी पर्यटक प्रदेश भ्रमण पर पहुंचे। वर्ष 2022 में 86$ 35 लाख देशी पर्यटक यहां भ्रमण पर जाए जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 7032 रही।
प्रदेश सरकार हिमाचल में पर्यटन की अपार संभावनाआें को ध्यान में रखते हुए साहसिक, धार्मिक एवं प्रातिक पर्यटन अधोसंरचना को विकसित करने के ²ढ़ प्रयास कर रही है और भविष्य में सालाना पांच करोड़ पर्यटकों के स्वागत का महवाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए, राज्य सरकार जिला कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए सरकार ने 3000 करोड़ रुपए की एक महवाकांक्षी योजना भी तैयार की है।


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