आर्मी के हेलीकॉप्टर का प्रयोग जनता को बचाने के लिए होना चाहिए ना की कांग्रेस नेताओं की सेल्फी के लिए
हिमाचल आजकल
शिमला। नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में बाढ़ और बरसात के कारण भारी क्षति हुई है। जान व माल दोनों की क्षति बड़ी तादात में हुई है। यह अप्रत्याशित बारिश थी और हिमाचल में 170 से ज्यादा जाने गई है। हिमाचल में इंफ्रास्ट्रक्चर का भी बहुत हुआ है। वे शनिवार को शिमला में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार को पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। सरकार की पूर्ण रूप से मदद की है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के दिशा निर्देश अनुसार हमारे कार्यकर्ताआें ने भी एकजुट होकर प्रभावित परिवार को सहायता पहुंचाने का कार्य किया है।
जयराम ठाकुर ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर इस आपदा की घड़ी में राजनीति करने की शुरुआत हुई है तो वह कांग्रेस सरकार ने की है। विपक्ष की आेर से राजनीति कभी की नहीं गई थी, इस संकट की घड़ी में विपक्ष सरकार के साथ और हिमाचल की जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हर साल 3 दौर आते हैं बरसात, गर्मी, सर्दी। बरसात में बाढ़, गर्मी में सूखा और बर्फ में सर्दी की तैयारियां की जाती है। इन तैयारियों को लेकर प्रबंधन राज्य स्तर की बैठक का आयोजन किया जाता है। उनका कहना है कि इन बैठकों में जमुख्यमंत्री और आला अधिकारी ं भाग लेते हैं। पर इस बार एेसी कोई बैठक नहीं हुई। इस सरकार को पता था कि भारी बारिश आने वाली है, मनसून जल्दी आने वाला है, तो बैठक को भी जल्दी करना चाहिए था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दूरभाष के माध्यम से और व्यक्तिगत जाकर केंद्रीय मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय, अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को हिमाचल में बाढ़ की स्थिति के बारे में अवगत करवाया है। जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के माध्यम से हिमाचल में एक 382 करोड़ रुपए की राहत राशि प्रदान की। एनडीआरएफ रेस्क्यू अपरेशन चलाएं , जो टीम नुकसान का जायजा लेने के लिए नवंबर माह में आती है वह तुरंत आ गई और अपनी रिपोर्ट भी केंद्र को सौंपने वाली है।
सरकार को मॉनसून के बारे में पहले से पता था, पर फिर भी व्यवस्था बैठक नहीं की : जयराम ठाकुर
Get in Touch


| All Rights Reserved | Website By :