हिमाचल आजकल
शिमला। प्रदेश विधानसभा की नवगठित विधायक संघ के अध्यक्ष व कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया और नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने केंद्र सरकार से प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई भारी जान-माल की क्षति के को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।
उनका कहना है कि पिछले 56 दिनों के दौरान भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की इस त्रासदी में प्रदेश में अब तक सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो गई हैं। इसके अलावा कई लोग अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 113 भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और प्रदेश को लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की क्षति हुई है।
उन्होंने कहा कि ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से केन्द्र सरकार के पास लंबित 315 करोड़ रुपए की राहत राशि में से केन्द्र ने 189 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा राहत निधि (एसडीआरएफ) के तहत राज्य को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति वर्ष दो किस्तों में कुल 360 करोड़ रुपए की राशि जारी की जाती है। केंद्र सरकार ने इसमें से 180 करोड़ रुपए की पहली किस्त जून माह में और दिसंबर माह में मिलने वाली 180 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त राज्य को अग्रिम रूप से जारी कर दी है। इस 360 करोड़ रुपए की राशि पर हिमाचल प्रदेश का हक है, जो सभी राज्यों को प्रदान की जाती है और इसके अलावा केन्द्र की आेर से अलग से कोई वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है। इस प्रकार राज्य को अब तक 549 करोड़ रुपए की राशि के रूप में केंद्र सरकार के पास लंबित राज्य का उचित हिस्सा मिला है।
भाजपा के राष्ट्रीय नेताआें पर कटाक्ष करते हुए विधायकों ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता हिमाचल को अपना दूसरा घर कहते नहीं थकते हैं बाजवूद इसके प्रदेश के सौतेला व्यहार कहां तक सही है। उन्होंने कहा कि यह नेता अपने संबोधनों में हिमाचल के व्यंजनों का सेपू बड़ी चंबा का मदरा सिड्डू का जिक्र करते थे पर जब प्रदेश पर विपदा की स्थिति आई तो मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाए ये नेता आेछी राजनीति कर रहे हैं।
केंद्र भारी नुकसान को देखते हुए हिमाचल में राष्ट्रीय आपदा घोषित करें : केवल सिंह पठानिया
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