एमआईएस के तहत 12 रुपए प्रति किलो की जाएगी सेब की खरीद
हिमाचल आजकल
शिमला। बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभ प्रदान करने के लिए एक एेतिहासिक निर्णय में मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 10.50 रुपए से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। प्रदेश सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से पहली बार 1.50 रुपए की वृद्घि की है। सेब के अलावा, राज्य सरकार ने एमआईएस के तहत आम, किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी 10.50 रुपए से बढ़ाकर 12 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया है। पहली बार नींबू की खरीद भी एमआईएस के तहत गलगल के बराबर यानी 10 रुपए प्रति किलोग्राम की दर पर की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एमआईएस के तहत 1,43,778 मीट्रिक टन सेब की खरीद की जाएगी और बागवानों की सुविधा के लिए 312 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एचपीएमसी द्वारा 210 खरीद केंद्र और 102 केंद्र हिमफेड द्वारा संचालित किए जाएंगे। राज्य सरकार के इस निर्णय से सेब उत्पादकों को लगभग 24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ होगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए सीडलिंग, ग्राफ्टेड और कच्चा अचारी आम के खरीद अंतर को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले आम की विभिन्न किस्मों को अलग अलग दरों पर खरीदने का प्रावधान था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने आम की तीनों किस्मों के लिए खरीद दर एक समान करने का निर्णय लिया है और 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आम की खरीद की जाएगी।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद दर भी सेब और आम के समान दर पर लाने का निर्णय लिया है। नींबू प्रजाति के ये फल भी अब सेब और आम के बराबर 12 रुपए प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदे जाएंगे। इसके अलावा, किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद के लिए ग्रेड प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के दौरान 10 रुपए प्रति किलो की दर से गलगल और नींबू की भी खरीद की जायेगी।
सरकार ने एमआईएस के तहत 1,43,778 मीट्रिक टन सेब खरीरदने का लक्ष्य निर्धारित किया : सुक्खू
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