Sunday, March 1, 2026

73वें और 74वें संविधान संशोधन से बदली लड़कियों के प्रति समाज की मानसिकताः सुक्खू


एक लड़की वाले परिवार को दो लाख, दो लड़कियों के परिवार को एक लाख देने की घोषणा
हिमाचल आजकल

शिमला, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि लड़कियों के प्रति समाज की मानसिकता बदल रही है, जिसमें 73वें और 74वें संविधान संशोधन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने संविधान संशोधन के माध्यम से महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया, जिससे समाज में लड़कियों के प्रति धीरे-धीरे दृष्टिकोण बदला और आज हिमाचल प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं में 56 प्रतिशत महिलाएं प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को विधानसभा और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का बिल संसद द्वारा पास किया गया है, जिसका सभी दलों ने समर्थन किया है।
गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) अधिनियम 1994 के तहत वीरवार को शिमला में दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआरएस डाटा 2018-20 के अनुसार हिमाचल प्रदेश में लिंगानुपात 950 है, जो देश में तीसरे स्थान पर है तथा हमें पहले स्थान पर आने का लक्ष्य को हासिल करना होगा। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भ्रूण हत्या को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी बालिका सुरक्षा योजना के तहत एक बेटी के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाले परिवार को मिलने वाले 35 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपए करने तथा दो बेटियों के बाद परिवार नियोजन पर मिलने वाले 25 हजार रुपए की राशि को एक लाख रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि लड़कियां आज हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। शिक्षा से लेकर सेना तथा अन्य क्षेत्रों में लड़कियां आगे निकल गई हैं। उन्होंने कहा कि वेदों और पुराणों में भी महिलाओं को अधिक सम्मान और महत्व दिया गया हैं।


ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार लोगों को घर-द्वार पर गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए बड़े स्तर पर सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी प्रयास के तहत 36 विधानसभा क्षेत्रों में 6-6 मेडिकल विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की है और जल्द ही 32 अन्य संस्थानों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने भ्रूण हत्या रोकने के दृष्टिगत बेहतर काम करने के लिए जिला चंबा के भरमौर, जिला शिमला के ननखड़ी और मंडी जिला के जंजहैली ब्लॉक को सम्मानित किया, जिनमें लिंगानुपात क्रमशः 1015, 1087 और 996 है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने भू्रण जांच करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज समाज में लड़कियों के प्रति नज़रिया बदल रहा है। उन्होंने कहा कि लिंग जांच पर बनाए गए कानूनी प्रावधानों का हिमाचल प्रदेश में सख्ती से पालन हो रहा है।

Get in Touch

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Articles