Monday, January 12, 2026

जाइका करेगा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग

10वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में मिली मंजूरी
हिमाचल आजकल
शिमला। जाइका वानिकी परियोजना अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग करेगा। बीते शनिवार को 10वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रधान सचिव वन गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन डा. अमनदीप गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इस अहम बैठक में पिछले छह महीने के विकास कार्यों पर मंथन किया गया और 20 के करीब नए एजेंडे पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव वन डा. अमनदीप गर्ग ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना के तहत हो रहे विकासात्मक कार्यों में और तेजी लाने की जरूरत है। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल व मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने कहा कि गवर्निंग बॉडी की मीटिंग हर छह माह के भीतर आयोजित की जाती है। इस बार की बैठक में कई अहम एजेंडे पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कुल्लू में जाइका परियोजना के तहत 106 स्वयं सहायता समूह हैं, जो हैंडलूम उत्पाद तैयार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन उत्पादों की ब्रांडिंग जाइका खुद करेगा। इसके अलावा हिमाचल में विलुप्त हो रहे उतक संवर्धन यानी टिशू कल्चर प्रजातियों के पौधे जाइका की नर्सरियों में तैयार किए जाएंगे। बुरांश और भोजपत्र जैसे पौधे तैयार करने के लिए कार्य शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले साल तक प्रदेश में 46 हजार हेक्टेयर भूमी पर पौधरोपण किया गया। इस साल 2 हजार हेक्टेयर भूमी पर पौधे रोपने का लक्ष्य था जो रिकार्ड 23 सौ हेक्टेयर भूमि पर किया गया। पीसीसीएफ व वन विभाग के मुखिया राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना पर आर अधिक कार्य कने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जब से जाइका परियोजना ने कार्य करना शुरू किया, तब से लेकर अब तक कई उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।

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