शिमला शहर के सुगम यातायात के लिए खर्च किए जा रहे 51 करोड़।
हिमाचल आजकल
शिमला। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने जाखू मंदिर के निर्माणाधीन एस्केलेटर का निरीक्षण किया और कहा कि जाखू मंदिर का पहला आउटडोर एस्केलेटर इसी महीने बनकर तैयार किया जाएगा। रोपवे करपोरेशन कार्यकारी एजेंसी के तहत काम करते हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए दिन-रात कार्य में जुटा हैं। 48 मीटर लंबे बनने वाले इस एस्केलेटर पर 7$33 करोड रुपए खर्च किए जा रहे हैं जो टू- स्पेन होगा। जो इसी महीने के अंत तक बन कर तैयार किया जाएगा।
शिमला शहर में पिछले कुछ वर्षों में शहर निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की आबादी में जबरदस्त वृद्घि देखी गई है, जिससे शहर में सडक़ों पर भीड़-भाड़ की समस्या पैदा हो गई है। राज्य सरकार शहर में सडक़ों पर भीड़-भाड़ नियंत्रित करने के लिए शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट करपोरेशन (कार्यकारी एंजेसी) द्वारा रोपवे, एस्केलेटर और लिफ्ट का निर्माण युद्घ स्तर चला हुआ है।
जिसमें से एक परियोजना जाखू मंदिर में निर्माणाधीन है। यह शिमला के प्रसिद् दर्शनीय स्थलों में से एक है जहां पर भगवान हनुमान जी की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित है जो शिमला में आने वाले सभी उम्र के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। सडक़ से मंदिर तक जाने के लिए सैकड़ो सीढिय़ों को पार करना होता है जिससे विकलांग और उमरदराज श्रद्धालुओं को आने जाने में समस्या होती थी जिसको देखते हुए सरकार द्वारा श्रद्घालुआें के आगमन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए एस्केलेटर का निर्माण किया जा रहा है।जिसमें 4 एस्केलेटर शामिल हैं जोकि मंदिर की पार्किंग से मंदिर परिसर में स्थित हनुमान जी की मूर्ति तक यात्रियों को पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगा।

रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट करपोरेशन (कार्यकारी एंजेसी) शिमला में 3 अन्य परियोजनाओं का कार्य निर्माणाधीन भी है। जिसमें पहली परियोजना लक्कड़ बाजार बस स्टैंड से रिज तक लिफ्ट और ट्रैवलेट्र की है जिसमें 1 एस्केलेटर, 4 लिफ्ट, रेस्तरां, 2 फुट आेवर ब्रिज और पार्किंग शामिल हैं। यह यात्रियों को बिना किसी परेशानी के 70 मीटर की लंबवत ऊंचाई को पार करने में सक्षम बनाता है।
दूसरी परियोजना अकलैंड क्षेत्र से पुलिस चौकी लक्कड़ बाजार तक लिफ्ट की है। यह 1 लिफ्ट और 1 फुट ओवर ब्रिज के साथ 36 मीटर की लंबवत ऊंचाई से बनने वाली है।
तीसरी परियोजना शिमला विकासनगर में लिफ्ट और फुट ओवर ब्रिज है। यह परियोजना विकासनगर से छोटा शिमला तक वाहन यातायात में हस्तक्षेप किए बिना पैदल यात्रियों के लिए एक समर्पित और सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा।


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