कांग्रेस के विनोद सुल्तानुपरी व भाजपा के सुरेश कश्यप के बीच टक्कर
हिमाचल आजकल
शिमला। हिमाचल में अब चुनावी बिसात बिछने लगी है। कांग्रेस के दो उम्मीदवार घोषित होने के बाद प्रदेश की ठंडी वादियों में चुनावी पारा चढऩे लगा है। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अब फील्ड सजानी शुरू कर दी है। बीते शनिवार को कांग्रेस के मंडी और शिमला संसदीय क्षेत्र से अपने उम्मीदवार फाइनल कर दिए है। कांग्रेस ने शिमला सीट से इस बार युवा नेता विनोद सुल्तानपुरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस के प्रत्याशी का नाम घोषित होते ही शिमला संसदीय क्षेत्र में नए समीकरण बनने लगे है। शिमला लोकसभा सीट पर पिछले तीन चुनाव में भाजपा का बोलबाला रहा है। भाजपा उम्मीदवार की शिमला सीट पर एक तरफा जीत होती रही है। इस बार शिमला ससंदीय क्षेत्र में चुनावी मुकाबला रोचक होने के आसार नजर आने लगे है। भाजपा के सुरेश कश्यप को इस बार चुनाव में एंटी इंकबेंसी फैक्टर का सामना करना पड़ेगा।

खासकर शिमला जिला में सुरेश कश्यप को लोगों का नाराजगी का सामना भी करना पड़ेगा। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी नया चेहरा है। उनके खिलाफ भाजपा के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं होगा। शिमला संसदीय क्षेत्र से सरकार में पांच मंत्री है। मुख्य संसदीय सचिव है। विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार भी सिरमौर से ताल्लक रखते है। इसके अलावा शिमला से बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष भी बनाए गए है। इसका फायदा भी कांग्रेस उम्मीदवार को मिल सकता है। विनोद सुल्तापुरी वर्तमान में कसौली से विधायक है। युवाओं में उनकी अच्छी खासी पकड़ है। उनके पिता स्व. केडी सुल्तानुपरी शिमला संसदीय क्षेत्र से 6 बार सांसद रहे है। शिमला संसदीय क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित होने के बाद शिमला संसदीय क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां बढऩे लगी है। लिहाजा अगले कुछ दिनों में कांग्रेस व भाजपा चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झौंकेगी। फिलहाल दोनों ही राजनीतिक दल चुनाव की लिए खास रणनीति बनाने में जुट गए है।


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