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शिमला। एसजेवीएन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कर्पोरेट मुख्यालय शिमला में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आज हुए कार्यक्रम में मानव संसाधन विभाग के कार्यपालक निदेशक चंद्र शेखर यादव मुख्यातिथि रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक परपंराओं में पर्यावरण के महत्व को प्राचीन समय से ही स्वीकारा गया है और हमारी परंपराएं पर्यावरण सरंक्षण पर जोर देती रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वज पर्यावरण संतुलन के प्रति सजग थे और धर्म ग्रंथों में भी पृथ्वी और पेड़ को सदैव पूजनीय माना गया है।
इस अवसर पर मुख्यातिथि चंद्र शेखर यादव ने सभी को पर्यावरण जागरूकता की शपथ भी दिलाई। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस 2024 की थीम भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की क्षमता पर केन्द्रित है। इस कड़ी में एसजेवीएन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टूटीकंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अन्नाडेल में विभिन्न प्रतियोगिताआें का आयोजन किया, जिसमें कक्षा 6वीं से 8वीं और 9वीं से 10वीं के लिए दो श्रेणियों में चित्रकला प्रतियोगिता, कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता शामिल थी। इन प्रतियोगिताआें में दोनों स्कूलों के लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिताआें के सफल प्रतिभागियों को आज मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्त भी किया गया, इसके साथ ही एसजेवीएन द्वारा कर्मचारियों के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताआें का आयोजन किया गया, जिसमें पिछले विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू हुई पौधा पालन पोषण प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों और ष्जल सरंक्षणष् विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को भी पुरस्त किया गया।
इस दौरान ई-कचरा संग्रहण अभियान भी चलाया गया, जिसमें निपटान के लिए लगभग 60 किलोग्राम ई-कचरा एकत्र हुआ। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण जागरूकता के लिए विश्व पर्यावरण दिवस की थीम से संबंधित फिल्में दिखाई गईं। प्रतिभागियों (एसजेवीएन कर्मचारियों और स्कूली छात्रों ) की सभी प्रविष्टि फोटोग्राफ और पेंटिंग को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी एसजेवीएन मुख्यालय शिमला में लगाई गई।


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